वंडर प्ले पब्लिक सेंट्रल स्कूल मिहोना में मिशन वात्सल्य एवं जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन के तहत संवेदीकरण कार्यक्रम का हुआ आयोजन
(भिण्ड) कलेक्टर श्री संजीव श्रीवास्तव के मार्गदर्शन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री पवन तिवारी के निर्देशन में मिहोना में वंडर प्ले पब्लिक सेंट्रल स्कूल में मिशन वात्सल्य एवं मिशन शक्ति के उपघटक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एवं जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन के तहत संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग से बाल संरक्षण अधिकारी अजय सक्सेना, आउटरीच कार्यकर्ता दीपेंद्र शर्मा, राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता राहुल राजपूत, विद्यालय के संचालक आशुतोष दोहालिया, विद्यालय की प्राचार्य, समस्त स्टाफ तथा विद्यालय के समस्त छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बाल संरक्षण अधिकारी अजय सक्सेना द्वारा सभी बालकों को बालक की परिभाषा से अवगत कराया गया और स्पष्ट किया गया कि हर वह व्यक्ति जिसने 18 वर्ष की आयु पूर्ण नहीं की है बालक समझा जाएगा और पोक्सो अधिनियम के तहत बालक को सभी प्रकार के शोषण से संरक्षण प्रदान किए जाने का प्रावधान है। स्पष्ट किया गया कि बालक एक जेंडर न्यूट्रल शब्द है बालक से तात्पर्य लड़की और लड़के दोनों से है। कार्यशाला में उपस्थित सभी छात्रों को सुरक्षित और सुरक्षित स्पर्श की जानकारी दी गई और बचाव के तरीके भी बताए गए। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार के बाल शोषण की शिकायत आप चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से कर सकते हैं, बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन का भारत सरकार द्वारा जारी किया नवीन लोगो संबंधित स्टीकर प्रदान किया गया पोक्सो ई बॉक्स पर शिकायत करने का तरीका भी बताया कि किस तरह से वह ऑनलाइन शिकायत कर अपनी समस्या को उचित प्लेटफार्म पर बता सकते हैं। साथ ही पॉक्सो ई-बॉक्स पर भी शिकायत कर सकते हैं। पोक्सो प्रकरण में विवेचना पुलिस उप निरीक्षक से नीचे रैंक के अधिकारी द्वारा नहीं की जाएगी और महिला अधिकारी द्वारा ही विवेचना की जाएगी साथ ही बालक और बालिका से मिलते समय पुलिस अधिकारी वर्दी में नहीं होंगे और पूछताछ के लिए बालक को बालक की पसंदीदा जगह पर बुलाया जाएगा कानून में अपराधी और पीड़ित बालक का आमना सामना नहीं हो ऐसी पूरी व्यवस्था की गई है बाद में क्षतिपूर्ति का भी प्रावधान है। संवेदीकरण अगले चरण में विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई साइबर हेल्पलाइन 1930 साइबर क्राइम पोर्टल पर किस तरह से शिकायत दर्ज की जा सकती है की जानकारी से भी अवगत कराया गया साथ ही सभी बालक और बालिकाओं से अपेक्षा की गई कि सोशल साइट का कुशलता पूर्वक नियंत्रण में रहकर उपयोग करें, अनावश्यक फॉलोअर्स अथवा अन्य गतिविधि बढ़ाने के चक्कर में आप परेशानी में पढ़ सकते हैं यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि कोई व्यक्ति आपको आपके निजी फोटो वीडियो अथवा आपके फोटोस वीडियो में एडिट करके आपको परेशान करता है तो वहां पर बिल्कुल भी ना डरें, अपितु संबंधित व्यक्ति को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दें कि आप उनकी कंप्लेंट पुलिस को कर रहे हैं आप चाइल्ड हेल्पलाइन में, साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत कर सकते हैं। सामान्य बच्चों के साथ होने वाली अपराधी घटनाओं में डर और लालच देखा गया है और सभी बालकों से यह अपेक्षा की गई किसी भी परिस्थिति में वह बिल्कुल ना डरें और लालच में बिल्कुल ना आएं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बाल विवाह के संबंध में जानकारी देते हुए अवगत कराया गया कि तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन पर बाल विवाह शिकायत की जानकारी दी जा सकती है। शासन द्वारा बाल विवाह हेतु लड़की की 18 वर्ष लड़कों के 21 वर्ष की आयु निर्धारित की है इससे पहले विवाह बाल विवाह माना जाएगा। कार्यक्रम में जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन के तहत गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। सभी छात्रों को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, चाइल्ड हेल्पलाइन पॉक्सो किट के संबंध में प्रशिक्षण सामग्री प्रदाय की गई। कार्यक्रम के अंत में क्विज प्रतियोगियों का आयोजन किया गया जिसमें नेशनल यूथ अवॉर्डी राहुल राजपूत द्वारा छात्रों से सवाल किए गए जिनमें सही जवाब देने पर छात्रों को पुरस्कार दिया गया।
