“गरीबी बीमारी की राह में दीवार बनती है लेकिन समर्पित स्वास्थ्य सेवाऐं जीवन को उम्मीद देती हैं – शीला कुमारी इसका जीता जागता उदाहरण है
स्वस्थ्य नारी सशक्त परिवार अभियान की सार्थकता का परिचय हैं ऐसे उदाहरण
(भिण्ड) विकासखण्ड रौन के ग्राम नौधा में शासकीय स्कूल के पास की निवासी 18 वर्षीय शीला कुमारी पुत्री श्री जितेन्द्र सिंह को पिछले 05 वर्षों से लगातार खून की कमी (एनिमियां) की समस्या बनी हुई है इसके कारण उन्हें ब्लड चढ़वाने की आवश्यकता पड़ती है। लेकिन पैसे के अभाव में शीला का इलाज कराना तो दूर जितेन्द्र इस बात का जिक्र तक करना छोड़ चुके थे। स्वस्थ्य नारी सशक्त परिवार अभियान में घर-घर जाकर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा की जा रही स्क्रीनिंग में जब शीला कुमारी का हीमोग्लोबिन 4.6 निकला तो ब्लड का इंतजाम न होने की बात सीएमएचओ तक पंहुची और उन्होंने अपने विभाग की मदद से शीला कुमारी को ब्लड ट्रांस्फ्यूजन (रक्त चढ़ाने) की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध करवाई। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुये कार्यालय द्वारा शीला कुमारी का रक्त चढ़ाने का खर्च शत-प्रतिशत निःशुल्क प्रदान किया जाएगा, जिससे परिवार को राहत मिली है। उनके उपचार में किसी प्रकार की पुराने रोग की जानकारी नहीं है, जिसके लिए अन्य जांच एवं उपचार की सुविधा दी जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय जनहित लगातार प्रयासरत है कि इस प्रकार गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को सरकार की योजनाओं और विभागीय सहायता का पूरा लाभ मिले।
