स्वदेशी सामग्री पर आधारित आजीविका फ्रेस मेले में पहुंचकर कलेक्टर नें स्व सहायता समूह की दीदियों से उत्पाद के संबंध में ली जानकारी
कलेक्टर ने स्वदेशी उत्पादों की खरीददारी भी की
(शहडोल) ग्रामीण एवं शहरी आजीविका मिशन द्वारा जय स्तंभ चौक शहडोल में स्वदेशी थीम पर आयोजित तीन दिवसीय आजीविका फ्रेस मेले के दूसरे दिन कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने स्व सहायता समूहों की दीदियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का अवलोकन किया तथा उत्पादों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उन्होंने स्वदेशी उत्पादों की खरीददारी भी की। कलेक्टर डॉ केदार सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण के लिए स्वदेशी अभियान चलाया जा रहा है। वर्तमान में नवरात्रि का पर्व तथा आगे दशहरा एवं दीपावली के पर्व आने वाले हैं। उन्होंने आजीविका फ्रेस मेले में लगाई गई प्रदर्शनी में स्व सहायता समूह की दीदियों द्वारा तैयार की गई सामग्री जो विक्रय हेतु उपलब्ध है की खरीददारी करने की अपील जिला वासियों एवं नगरवासियों से की है। उन्होंने कहा कि ऐसा करके हम कुटीर उद्योग, स्थानीय कारीगरों तथा स्व सहायता समूह की महिलाओं की मदद कर सकते हैं। इस अवसर पर उन्होंने भावान्तर योजना की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार ने अतिवृष्टि तथा रोगों के कारण सोयाबीन की जो फसल खराब हुई है उसकी भरपाई करने के लिए भावांतर योजना शुरू की है। सोयाबीन उत्पादक किसान 5 से 25 अक्टूबर तक पंजीयन अवश्य करा लें। 1 नवम्बर से 31 जनवरी 2026 के दौरान बेची गई सोयाबीन की फसल पर ही भावांतर योजना का लाभ मिलेगा। यदि किसी किसान की सोयाबीन की फसल समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल पर नहीं बिकती, तो जितनी राशि में बिकी है और समर्थन मूल्य के बीच के अंतर की राशि सरकार किसान को देगी। इस प्रकार किसानों को सोयाबीन की फसल बेचने पर समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल की राशि ही मिलेगी।
