पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर कोई सहानुभूति नहीं : न्यायमूर्ति श्री विवेक कुमार सिंह
उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति श्री विवेक कुमार सिंह ने पर्यावरण संरक्षण एवं अवैध खनन पर सख्ती के दिए निर्देश अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस, कानून का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें : न्यायमूर्ति श्री विवेक कुमार सिंह
(सीधी) उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर के न्यायमूर्ति श्री विवेक कुमार सिंह ने जिले के प्रवास के दौरान अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा खनिजों के अवैध एवं अनियंत्रित उत्खनन पर कठोरता से रोक लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। बैठक में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री प्रयाग लाल दिनकर, कलेक्टर श्री स्वरोचिष सोमवंशी, पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी सहित वन, खनिज, राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
न्यायमूर्ति श्री विवेक कुमार सिंह ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सीधी जिला प्राकृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। संजय टाइगर रिजर्व, जिले की वन संपदा, नदियां एवं जैव विविधता इसकी विशिष्ट पहचान हैं। इन प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना और उनका संरक्षण व संवर्धन करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को होने वाली क्षति का दुष्परिणाम आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ता है, इसलिए अभी से सजग एवं संवेदनशील होकर कार्य करना आवश्यक है।
उन्होंने वनों में अवैध वृक्ष कटाई, वन्य प्राणियों के शिकार तथा अन्य अवैध गतिविधियों पर कठोर वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि के प्रति कतई सहानुभूति न बरती जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कानून के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पौधारोपण अभियानों को केवल औपचारिकता न मानते हुए उन्हें सही अर्थों में संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों का संरक्षण एवं नियमित देखभाल भी अनिवार्य है, ताकि पर्यावरण संरक्षण का वास्तविक उद्देश्य पूर्ण हो सके।
न्यायमूर्ति श्री विवेक कुमार सिंह ने जिले में खनिजों के अवैध एवं अनियंत्रित उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां न केवल पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि शासन के राजस्व को भी क्षति पहुंचाती हैं। उन्होंने नदियों से रेत के अवैध उत्खनन को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि इस संबंध में लगातार शिकायतें प्राप्त होती हैं, जिन पर सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित करें।
न्यायमूर्ति श्री विवेक कुमार सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कानून का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना प्रत्येक अधिकारी का मूल दायित्व है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यवाही में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही अथवा पक्षपात स्वीकार्य नहीं है। अधिकारियों को चाहिए कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करें तथा यह सुनिश्चित करें कि शासन के नियमों एवं कानूनों का पालन धरातल पर प्रभावी रूप से हो।
उन्होंने कहा कि जनहित, पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा जैसे विषयों में प्रशासन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में निर्णय पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध होने चाहिए। न्यायमूर्ति श्री सिंह ने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे अपने कार्यों के माध्यम से जनता का विश्वास मजबूत करें और कानून के प्रति सम्मान की भावना को और सुदृढ़ बनाएं। न्यायमूर्ति श्री विवेक कुमार सिंह ने यह भी कहा कि प्रत्येक अधिकारी को यह स्मरण रखना चाहिए कि उसके द्वारा लिया गया प्रत्येक निर्णय समाज एवं भावी पीढ़ियों पर दूरगामी प्रभाव डालता है। इसलिए प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में संवेदनशीलता, जवाबदेही और नैतिक मूल्यों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री स्वरोचिष सोमवंशी ने कहा कि जिला प्रशासन पर्यावरण संरक्षण एवं अवैध खनन पर नियंत्रण को लेकर पूर्णतः गंभीर और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिले की प्रशासनिक टीम सशक्त, सजग एवं जिम्मेदार है तथा माननीय न्यायमूर्ति द्वारा दिए गए मार्गदर्शन एवं निर्देशों के अनुरूप सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और दोषियों के विरुद्ध वैधानिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए जिला प्रशासन पर्यावरण संरक्षण एवं अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा।
