अनुशासन, कठोर परिश्रम और सच्ची लगन से ओबीसी छात्र गौरव राठौर ने जेईई मेंस 2026 में प्राप्त किये 99.72 पर्शेंटाइल

साफ्ट बॉल खेल का नेशनल खिलाड़ी है गौरव
श्रमोदय विद्यालय इंदौर के छात्र गौरव ने पायी बड़ी सफलता

(इन्दौर) अगर पढ़ाई के प्रति सच्ची लगन, कड़ी मेहनत और अनुशासन हो तो शीर्ष स्तरीय परीक्षा में भी सफलता प्राप्त की जा सकती है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण देवास जिले के छोटे से गाँव अमोना के रहने वाले प्रतिभाशाली छात्र गौरव राठौर है, जिसने दिन-रात मेहनत कर जेईई मेन्स 2026 की परीक्षा में 99.72 पर्शेंटाइल अंक प्राप्त कर अपने परिवार और समाज का गौरव बढ़ाया है। मध्यम परिवार में जन्मे गौरव के माता-पिता दोनों मेहनत मजदूरी करते हैं। अपने बच्चे को पढ़ाने के लिये पिता ने कर्ज लिया और उसे आईआईटी की कोचिंग करायी। पिता श्री दीपक राठौर ने बताया कि गौरव बचपन से ही पढ़ने में होशियार रहा। उसे बेटमाखुर्द स्थित श्रमोदय आवासीय विद्यालय में प्रवेश दिलाया, जहां उसे सीमा सालवान जैसे योग्य और प्रेरणा देने वाले शिक्षक मिले। यहीं पर रहकर गौरव को एक लक्ष्य मिला। आगे की पढ़ाई उसने देवास जिले के टोंकखुर्द स्थित एक निजी विद्यालय में की, जहां से वह अभी माध्यमिक शिक्षा मण्डल बोर्ड द्वारा आयोजित 12वीं कक्षा की परीक्षा दे रहा है।

      ओबीसी वर्ग के छात्र गौरव ने अपनी सफलता का श्रेय दादा-दादी, माता-पिता और शासकीय श्रमोदय आवासीय विद्यालय बेटमाखुर्द के शिक्षक और गुरूजनों को दिया है। गौरव ने बताया कि मैंने पढ़ाई को समय में बांधने के बजाय जितना अधिक हो सका, दिन-रात पढ़ाई करता रहा। सोशल मीडिया से दूर रहा और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहा। गुरुजनों का कहा माना और दो वर्ष तक पढ़ाई के अलावा कहीं ओर ध्यान नहीं दिया। मेरा लक्ष्य आआईटी मुंबई में प्रवेश प्राप्त करना है। गौरव जितना होशियर पढ़ाई में है उतना ही वह खेल में भी है। साफ्ट बॉल खेल का वो नेशनल खिलाड़ी है। इस खेल में उसने कई पदक जीते और सुयश प्राप्त किया। गौरव की इस सफलता पर श्रम मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने भी अपनी शुभकामनाएं देते हुए उसके उज्जवल भविष्य की कामना की है।

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