रानी अवंतीबाई का बलिदान अमर रहेगा: डिंडोरी में संग्रहालय का लोकार्पण, सागर में विश्वविद्यालय से दी श्रद्धांजलि

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डिंडोरी | RPKP India News  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए रानी अवंतीबाई का बलिदान सदियों तक अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वीरांगनाओं की धरती है, जहां रानी दुर्गावती, रानी कमलापति और रानी अवंतीबाई जैसी वीरांगनाओं ने अपने पराक्रम से इतिहास रचा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रानी अवंतीबाई के बलिदान दिवस पर डिंडोरी जिले में आयोजित कार्यक्रम को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर डिंडोरी में रानी अवंतीबाई की स्मृति में लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित भव्य संग्रहालय का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों को रानी अवंतीबाई के साहस, शौर्य और बलिदान की प्रेरणा देता रहेगा। संग्रहालय में उनकी जीवन गाथा, फोटो गैलरी और ऐतिहासिक शस्त्रों का प्रदर्शन किया गया है, जो इतिहास को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है।

1857 की क्रांति में निभाई अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी अवंतीबाई का जन्म सिवनी जिले के मनकेहणी गांव में हुआ था और उन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार झांसी में रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया, उसी तरह डिंडोरी क्षेत्र में रानी अवंतीबाई ने क्रांति की मशाल संभाली। जब अंग्रेजों ने राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को तोप से उड़ा दिया, तब पूरे क्षेत्र में विद्रोह की अगुवाई रानी अवंतीबाई ने की और अंत तक संघर्ष करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने रानी अवंतीबाई की स्मृति को अमर बनाए रखने के लिए सागर में उनके नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना भी की है, जो युवाओं को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाने का कार्य करेगा।

डिंडोरी की उपलब्धियों की भी सराहना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिंडोरी जिले की उपलब्धियों की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में एक ही दिन में 50 हजार से अधिक महिलाओं और बेटियों की स्वास्थ्य जांच कर रिकॉर्ड बनाया गया है, जिसके कारण डिंडोरी का नाम एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ है।

उन्होंने यह भी कहा कि 14 से 15 वर्ष की बेटियों के एचपीवी टीकाकरण अभियान में डिंडोरी प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। साथ ही ‘पंखिनी अभियान’ के माध्यम से बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराई जा रही है, जो एक सराहनीय पहल है।

कार्यक्रम में लोकसभा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, विधायक ओमप्रकाश धुर्वे सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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