72 घंटे में विजयराघवगढ़ पुलिस ने सुलझाई अंधी हत्या, प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
(विजयराघवगढ़) विजयराघवगढ़ पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर एक अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। प्रारंभिक तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस विवेचना में हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 27 अप्रैल 2026 को हरीश साहू निवासी ग्राम भैंसवाही ने थाना विजयराघवगढ़ में सूचना दी थी कि उसके पिता संतराम साहू ने खेत की मेढ़ पर लगे आम के पेड़ में बिजली के तार से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की नाक पर गंभीर चोट तथा गले में बिजली के तार से कसकर खींचने के कारण श्वासनली (ट्रेकिया) टूटने से मृत्यु होना पाया गया। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान परिस्थिति जन्य साक्ष्य, भौतिक प्रमाण एवं मुखबिर की सूचना के आधार पर ग्राम भैंसवाही निवासी पिंकी कोल, उसके भाई रवि कोल तथा उसके साथी इत्तू भतरा और मोनू भतरा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पिंकी कोल और मृतक संतराम साहू के बीच अवैध प्रेम संबंध थे। इसी कारण आपराधिक षड्यंत्र रचकर पिंकी कोल ने ईंट से मृतक के चेहरे और नाक पर हमला किया, जबकि रवि कोल, इत्तू भतरा और मोनू भतरा ने बिजली के तार से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जिला जेल कटनी भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डहेरिया एवं एसडीओपी वीरेन्द्र धार्वे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक रीतेश कुमार शर्मा सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।
