किसानों को अब एमपी कृषि पोर्टल के जरिए ऑनलाइन ई-टोकन की सुविधा मिल रही है

किसानों को ई-टोकन प्रणाली की जानकारी देकर जागरूक करें, खाद के लिए किसान परेशान न हो-संभागायुक्त श्री सिंह

(उज्जैन) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर किसानों की सुविधा के लिए ई-टोकन सिस्टम शुरू किया है। मुख्यमंत्री के निर्देश है कि खाद के लिए कोई भी किसान परेशान नहीं हो। इस सुविधा से किसान घर बैठे एमपी कृषि पोर्टल के जरिए ऑनलाइन ई-टोकन जनरेट कर सकेंगे। किसान के मोबाइल पर ई-टोकन जारी होगा। पंजीयन की सुविधा 24 घंटे रहेगी। ई-टोकन दिखाकर किसान दो दिन के अंदर संबंधित समिति, एमपी एग्रो, डीएमओ केंद्र और प्राइवेट केंद्र पर जाकर फसल के लिए आवश्यकता अनुसार खाद ले सकेंगे।  गुरूवार को संभागायुक्त श्री आशीष सिंह और कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने कृषि उपज मंडी स्थित किसान सेवा केंद्र पहुंचकर किसानों से चर्चा कर ई-टोकन से खाद प्राप्त करने की जानकारी ली। संभागायुक्त श्री सिंह ने मौके पर उपस्थित किसान का कम्प्यूटर पर ई-टोकन प्रक्रिया दर्ज कराते हुए पूरी प्रक्रिया को समझा। संभागायुक्त श्री सिंह ने निर्देश दिए कि ई-टोकन प्रणाली के संबंध में किसानों को प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जाए। जिससे किसान स्‍वयं घर बैठे ई-टोकन जनरेट कर सकें। खाद के लिए कोई भी किसान परेशान नही होना चाहिए, किसानों से संपर्क कर प्रक्रिया की जानकारी देकर प्रोत्साहित करें। संभागायुक्त श्री सिंह ने प्रतिदिन किसानों द्वारा किए जाने वाले पंजीयन की जानकारी ली।

किसानों की सुविधा के लिए ई-टोकन सिस्टम शुरू किया है। इसमें किसान घर बैठे एमपी कृषि पोर्टल के जरिए ऑनलाइन ई-टोकन जनरेट कर सकेंगे। अगर किसी किसान ने 2 दिन के अंदर खाद नहीं उठाई तो टोकन कैंसिल हो जाएगा। ऐसे में किसान को दो दिन बाद दोबारा यह टोकन जनरेट करना होगा। इसके अलावा ऑनलाइन यह सुविधा भी है कि किसी किसान को अधिक खाद की आवश्यकता है तो उसे खाद लेने का अतिरिक्त कारण बताने पर खाद उपलब्ध कराने का ऑप्शन भी है। पूरी प्रकिया ऑनलाइन होने से किस-किस को कितना खाद दिया गया और कितना केंद्र या दुकान के स्टॉक में बचा है। इसकी जानकारी किसान, विक्रेता और अधिकारी को दिखेगी। इससे उचित मूल्य पर खाद किसानों को अपने नजदीकी उर्वरक विक्रय केन्द्र पर बिना लाईन में लगें मिलना संभव होगा।

ई-टोकन प्रणाली की मुख्य विशेषताएं

घर बैठे बुकिंग- किसान अब लंबी कतारों में लगने के बजाय मोबाइल से घर बैठे ही खाद के लिए टोकन जनरेट कर सकते है।

पारदर्शी वितरण- जमीन के रकबे और बोई गई फसल के आधार पर ही किसानों को तय मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाती है।

टोकन की वैधता- जनरेट किया गया ई-टोकन 2 दिन के लिए मान्य होता है।

शिकायत निवारण- किसी भी तरह की अफवाहों या उर्वरक संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए जिला प्रशासन सक्रिय है।

किसान भाई ई-टोकन कैसे प्राप्त करें

किसान भाई ई-टोकन जनरेट करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट ई-टोकन पोर्टल पर जाकर आधार कार्ड और ओटीपी के माध्यम से पंजीकरण करें। किसान स्वंय मोबाइल पर बलराम ऐप का उपयोग कर ई-टोकन प्राप्त कर सकते है। यह सुविधा 24 घंटे खुली रहती है।

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