किसानों को अब एमपी कृषि पोर्टल के जरिए ऑनलाइन ई-टोकन की सुविधा मिल रही है
किसानों को ई-टोकन प्रणाली की जानकारी देकर जागरूक करें, खाद के लिए किसान परेशान न हो-संभागायुक्त श्री सिंह
किसानों की सुविधा के लिए ई-टोकन सिस्टम शुरू किया है। इसमें किसान घर बैठे एमपी कृषि पोर्टल के जरिए ऑनलाइन ई-टोकन जनरेट कर सकेंगे। अगर किसी किसान ने 2 दिन के अंदर खाद नहीं उठाई तो टोकन कैंसिल हो जाएगा। ऐसे में किसान को दो दिन बाद दोबारा यह टोकन जनरेट करना होगा। इसके अलावा ऑनलाइन यह सुविधा भी है कि किसी किसान को अधिक खाद की आवश्यकता है तो उसे खाद लेने का अतिरिक्त कारण बताने पर खाद उपलब्ध कराने का ऑप्शन भी है। पूरी प्रकिया ऑनलाइन होने से किस-किस को कितना खाद दिया गया और कितना केंद्र या दुकान के स्टॉक में बचा है। इसकी जानकारी किसान, विक्रेता और अधिकारी को दिखेगी। इससे उचित मूल्य पर खाद किसानों को अपने नजदीकी उर्वरक विक्रय केन्द्र पर बिना लाईन में लगें मिलना संभव होगा।
ई-टोकन प्रणाली की मुख्य विशेषताएं
घर बैठे बुकिंग- किसान अब लंबी कतारों में लगने के बजाय मोबाइल से घर बैठे ही खाद के लिए टोकन जनरेट कर सकते है।
पारदर्शी वितरण- जमीन के रकबे और बोई गई फसल के आधार पर ही किसानों को तय मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाती है।
टोकन की वैधता- जनरेट किया गया ई-टोकन 2 दिन के लिए मान्य होता है।
शिकायत निवारण- किसी भी तरह की अफवाहों या उर्वरक संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए जिला प्रशासन सक्रिय है।
किसान भाई ई-टोकन कैसे प्राप्त करें
किसान भाई ई-टोकन जनरेट करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट ई-टोकन पोर्टल पर जाकर आधार कार्ड और ओटीपी के माध्यम से पंजीकरण करें। किसान स्वंय मोबाइल पर बलराम ऐप का उपयोग कर ई-टोकन प्राप्त कर सकते है। यह सुविधा 24 घंटे खुली रहती है।
