मलेरिया की रोकथाम के लिए जिलेभर में चलेगा विशेष अभियान, जनजागरूकता रथ रवाना
कलेक्टर ने दिए निर्देश—बुखार के हर मामले पर रखें नजर, समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करें
कलेक्टर ने कहा कि वर्षा ऋतु में मच्छरों की संख्या बढ़ने के साथ मलेरिया एवं अन्य बुखारजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में सभी विभाग समन्वित प्रयास करते हुए जनजागरूकता गतिविधियों को गति दें तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बुखार के प्रत्येक मामले पर सतर्क निगरानी रखें। उन्होंने निर्देशित किया कि मलेरिया अथवा बुखार के रोगियों की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा फीवर सर्वे, जांच एवं आवश्यक नियंत्रणात्मक कार्रवाई तत्काल कराई जाए।
सीईओ जिला पंचायत ने जागरूकता वाहन को किया रवाना
बैठक के उपरांत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में “मलेरिया जनजागरूकता रथ” को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रथ जिले के उन क्षेत्रों में पहुंचेगा जहां पूर्व वर्षों में मलेरिया के प्रकरण सामने आए थे। रथ के माध्यम से लोगों को मलेरिया से बचाव, स्वच्छता, मच्छर नियंत्रण तथा समय पर जांच एवं उपचार के प्रति जागरूक किया जाएगा।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने बताया कि जनजागरूकता रथ के माध्यम से बुखार से पीड़ित व्यक्तियों की निःशुल्क जांच एवं उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी दी कि जिला चिकित्सालय सहित जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में मलेरिया की जांच और उपचार की समुचित एवं निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध है। आशा कार्यकर्ताओं को मलेरिया जांच किट उपलब्ध कराई गई हैं, जिनके माध्यम से गांव स्तर पर ही बुखार पीड़ितों की जांच कर तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।
जून भर चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम
मलेरिया निरोधक माह के दौरान जिले में 6 विकासखंड स्तरीय, 15 सेक्टर स्तरीय एवं 40 पंचायत स्तरीय कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही 1 जुलाई 2026 से जिले के पांच चयनित ग्रामों में मच्छर नियंत्रण के लिए सिंथेटिक पायरेथ्राइड 5 प्रतिशत का दो चरणों में छिड़काव कराया जाएगा।
जनसहभागिता से ही संभव होगा मलेरिया मुक्त सीधी
जिला मलेरिया अधिकारी ने आमजन से अपील की है कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का उपयोग करें तथा बुखार आने पर तत्काल जांच कराएं। उन्होंने कहा कि मलेरिया की समय पर पहचान और उपचार से इस बीमारी को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और आमजन की साझी भागीदारी से मलेरिया मुक्त सीधी के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।
