स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में निर्वाचन संबंधी प्रगति एवं कार्यवाहियों की दी गई जानकारी
मतदाता सूची पुनरीक्षण में सहयोग के लिए राजनीतिक दलों से किया गया आग्रह
बैठक में बताया गया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम की अवधि बढ़ाई गई है तथा दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। अब तक प्राप्त ऑनलाइन एवं ऑफलाइन आवेदनों तथा डैशबोर्ड की प्रगति की समीक्षा से यह परिलक्षित हुआ है कि अपेक्षाकृत कम संख्या में दावे एवं आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इस पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया गया कि वे अपने कार्यकर्ताओं एवं आमजन को मतदाता सूची का अवलोकन करने तथा आवश्यकतानुसार नाम जोड़ने, संशोधन कराने अथवा आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित करें।
बैठक में दावा-आपत्ति केंद्रों पर की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि सभी केंद्रों पर निर्धारित समयावधि में कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है, ताकि आमजन की सुविधापूर्वक सुनवाई हो सके। साथ ही संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से केंद्रों का निरीक्षण भी किया जा रहा है।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अवगत कराया गया कि विधानसभा निर्वाचक नामावली-2026 में जिले के कुल 8 लाख 56 हजार 651 मतदाता दर्ज हैं, जबकि पंचायत एवं नगरीय निकायों की प्रारूप मतदाता सूची में 9 लाख 50 हजार 858 मतदाता शामिल हैं। इस प्रकार दोनों सूचियों में 94 हजार 207 मतदाताओं का अंतर है। इस अंतर को दूर करने के लिए पंचायत एवं नगरीय निकायों की मतदाता सूची में अतिरिक्त दर्ज मतदाताओं की सूची तैयार कर उनका भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के दौरान मृतक, स्थानांतरित, अज्ञात अथवा एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाताओं के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह प्रक्रिया 15 जून 2026 तक पूर्ण की जानी है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों तथा सभी पात्र व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में शामिल हों। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल होने से छूट गया है तो उसके नाम जोड़े जाने की प्रक्रिया भी जारी है।
कलेक्टर विकास मिश्रा ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बीएलए की सक्रिय सहभागिता से मतदाता सूची को और अधिक शुद्ध एवं अद्यतन बनाने में मदद मिलेगी। बीएलए अपने क्षेत्र में ऐसे पात्र मतदाताओं की पहचान कर सकते हैं जिनके नाम सूची में शामिल नहीं हैं, साथ ही मृतक, स्थानांतरित अथवा दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं की जानकारी भी उपलब्ध करा सकते हैं।
बैठक में निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सहभागी एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए प्रशासन एवं राजनीतिक दलों के बीच समन्वय बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की गई। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह, अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय, डिप्टी कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रिया पाठक, मास्टर ट्रेनर डॉ अरविंद त्रिपाठी, डॉ के बी सिंह, कांग्रेस से अखण्ड प्रताप सिंह, भाजपा से अमित प्रधान, कम्युनिस्ट पार्टी के सुंदर सिंह बघेल, बसपा के शिवकुमार साकेत, आम आदमी पार्टी के साजन अग्रहरी, संजय गुप्ता सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
