बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट सुधारने मन से प्रयास करें-कलेक्टर मैहर

हायर सेकेण्डरी एवं हाईस्कूल प्राचार्यो की समीक्षा बैठक संपन्न

(मैहर) मैहर जिले में शैक्षणिक संत्र प्रारंभ होने के पूर्व हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों के प्रचार्यो की बैठक लेकर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने कहा कि सभी प्राचार्य पूरे मन से अपने स्कूलों का बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट सुधारने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि गत वर्ष के रिजल्ट में सुधार लाने के लिए कमियों को ढूढकर उन्हें दूर करने का प्रयास करें। स्कूलों में नवाचार करे ताकि बच्चों को स्कूल आने और अध्ययन करने के कार्य में रूचि और आकर्षण बढें।
कलेक्टर ने कहा कि हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल में बोर्ड परीक्षाओं में उल्लेखनीय सुधार लाने वाले बेस्ट फारमर प्राचार्य को पुरूस्कृत किया जायेगा। वहीं खराब प्रदर्शन करने वाले पर प्राचार्यो पर कार्यवाही भी सुनिश्चित होगी। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी गिरीश अग्निहोत्री, डीपीसी विष्णु त्रिपाठी भी उपस्थित थे।
हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी प्राचार्यो की बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने मैहर, अमरपाटन और रामनगर विकासखण्ड के विद्यालयों के कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणामों की विद्यालयवार समीक्षा की। जिला शिक्षा अधिकारी गिरीश अग्निहोत्री ने बताया कि हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी की बोर्ड की परीक्षाओं में माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा मैहर जिले का नाम इसी सत्र में शामिल किया गया है। मैहर जिले का कक्षा 10वीं का परिणाम वर्ष 2026 में 62.13 फीसदी और हायर सेकेण्डरी का परीक्षा परिणाम 68.75 फीसदी रहा है। प्रदेश की मेरिट सूची में हाईस्कूल के 4 और हायर सेकेण्डरी के 2 छात्रों ने अपना स्थान दर्ज कराया है।
कलेक्टर ने कहा कि प्री बोर्ड की परीक्षायें गंभीरतापूर्वक आयोजित करें तथा मुख्य परीक्षा के लिए इसी आधार पर आगामी तैयारी करें। इस मौके पर बताया गया कि मैहर जिले को प्राप्त सभी 2 लाख 41 हजार 42 पुस्तकों का वितरण छात्रों को कर दिया गया है। जिला शिक्षा केन्द्र की समीक्षा में बताया गया कि स्कूलों में छात्रों के एडमिशन में मैहर जिला प्रदेश के टॉप टेन जिलों में है।
जिले में 28 हजार 741 बच्चे आंगनवाडी केन्द्र के निकट को लोकेट किये गये हैं। जिले में 18 नवीन बालिका शौचालय का निर्माण पूरा कर लिया गया है। कलेक्टर ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाये कि जर्जर और जीर्ण-शीर्ण भवनों एवं बाउण्ड्री वाले स्कूलों में कक्षायें नहीं लगाई जाये। किसी घटना के लिए प्राचार्य को जिम्मेदार ठहराया जायेगा।

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