उद्धव ठाकरे के बागी सांसदों पर शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा बोले, ‘वे कोई खेलते हुए बच्चे नहीं’
(मुंबई) शिवसेना नेता मिलिंद देवड़ा ने कहा कि उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट में कोई भी गंभीरता से काम करता हुआ नज़र नहीं आ रहा है. वहां लोगों को काम करने का अवसर नहीं मिल रहा है।
शिवसेना के शिंदे गुट के नेता और राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा ने एबीपी न्यूज से बातचीत में कहा कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ ऐसा अभियान है जो देश को मज़बूत करने का काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि यह उन लोगों के लिए एक मंच है, जिनमें अपने क्षेत्र और देश के लोगों के लिए काम करने की इच्छा है और जिन्हें लगता है कि वे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ जुड़कर देशहित में बेहतर योगदान दे सकते हैं।
वहीं, जब एबीपी न्यूज ने उनसे पूछा कि क्या छह बागी सांसद उनके साथ आ चुके हैं, तो इस पर मिलिंद देवड़ा ने कहा, “सांसद होना बहुत बड़ी बात है. उन्हें करोड़ों लोग वोट देकर चुनते हैं और वे कोई खेलते हुए बच्चे नहीं हैं. ऐसे में यह उनका अधिकार है कि वे मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखें. इस विषय पर मैं फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।”
उद्धव गुट में लोगों को काम करने का मौका नहीं मिल रहा- मिलिंद देवड़ा
मिलिंद देवड़ा ने आगे कहा कि उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट में कोई भी गंभीरता से काम करता हुआ नज़र नहीं आ रहा है. उनके मुताबिक, वहां लोगों को काम करने का अवसर नहीं मिल रहा है और कार्यकर्ताओं और नेताओं से संवाद की भी कमी है. उन्होंने कहा कि कई नेता और कार्यकर्ता खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे हैं।
उद्धव गुट के बागी सांसदों की सुरक्षा बढ़ाई गई उधर, महाराष्ट्र पुलिस और राज्य गृह विभाग ने उद्धव गुट के बागी सांसदों की सुरक्षा व्यवस्था को अपग्रेड किया है। उन्हें वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा देने के निर्देश जारी किए गए हैं. महाराष्ट्र गृह विभाग का आदेश राज्य की इंटेलिजेंस रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है, जिसमें इन सांसदों की सुरक्षा को संभावित खतरे का संकेत दिया गया था. जिन छह सांसदों की सुरक्षा बढ़ाई गई है, उनमें संजय दिना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टीकर, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय जाधव के नाम शामिल बताए जा रहे हैं. ये सभी हाल में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में हुई अहम बैठक से गायब रहे थे।
✍️ संजीव भागीरथी पांडे
महाराष्ट्र प्रमुख
RPKP INDIA NEWS
