21 दिन के मासूम के लिए देवदूत बनी पन्ना की बेटी: सुशांकी ने भीषण गर्मी में पहली बार किया रक्तदान, बचाई जान

पन्ना। भीषण गर्मी की दोपहर में जब लोग घरों से निकलने में कतरा रहे थे, तब मानवता की एक ऐसी मिसाल सामने आई जिसने एक 21 दिन के मासूम नवजात को जिंदगी का नया उपहार दिया। रामजी वर्मन के मात्र 21 दिन के पुत्र रुद्र वर्मन को ‘ओ नेगेटिव’ (O Negative) जैसे दुर्लभ रक्त समूह के फ्रेश खून की अत्यंत आवश्यकता थी। मासूम के परिजन कल शाम से ही खून की व्यवस्था के लिए दर-दर भटक रहे थे और बेहद परेशान थे।

सोशल मीडिया और समाजसेवियों का मिला साथ

मासूम की नाजुक हालत को देखते हुए शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर योगेंद्र चतुर्वेदी ने इस बात की जानकारी तुरंत क्षेत्र के सक्रिय समाजसेवी राम बिहारी गोस्वामी को दी। मामले की गंभीरता को समझते हुए समाजसेवी राम बिहारी गोस्वामी ने बिना वक्त गंवाए इसकी सूचना वरिष्ठ समाजसेवी मनीष खरे (आत्मज स्वर्गीय श्री राजेंद्र प्रसाद खरे सेवा निवर्त प्रचार्य डाइट) को दी।

मां-बेटी तुरंत पहुंचीं अस्पताल, सुशांकी ने किया पहला रक्तदान

सूचना मिलते ही मनीष खरे ने इंसानियत का परिचय दिया और बिना किसी देरी के अपनी धर्मपत्नी श्रीमती मेघना खरे (45 वर्ष) और पुत्री सुशांकी खरे (22 वर्ष) को जिला अस्पताल पन्ना भेजा। अस्पताल में जांच के दौरान पुत्री सुशांकी खरे का ब्लड ग्रुप मासूम रुद्र के खून से पूरी तरह मैच कर गया। इसके बाद, तपती दोपहर ठीक 2 बजे सुशांकी खरे ने जीवन में पहली बार रक्तदान (First Time Blood Donation) कर उस तड़पते हुए मासूम की जान बचाई।

मानवता को सलाम

इस पुनीत कार्य की अस्पताल स्टाफ और नगरवासियों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है। मनीष खरे के परिवार द्वारा संकट की इस घड़ी में दिखाए गए इस त्वरित कदम और सुशांकी खरे के पहले रक्तदान ने यह साबित कर दिया है कि आज भी समाज में इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं है।

✍️ राम बिहारी गोस्वामी
   RPKP INDIA NEWS
                पन्ना

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