मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने बैतूल जिले के ग्राम कुकरु में बूथ क्रमांक 318 पर सुनी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात‘
डॉ. मुखर्जी की जयंती पर आयोजित ‘स्मरण पखवाड़ा’ के तहत स्व-सहायता समूह की बहनों एवं स्थानीय नागरिकों से किया संवाद
(भोपाल) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने रविवार को बैतूल जिले के भैंसदेही विधानसभा के भैंसदेही नगर मंडल के बूथ क्रमांक 318 कुकरू में भाजपा कार्यकर्ताओं व आमजनों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का श्रवण कर जनसंघ के संस्थापक श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के 125वें जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘स्मरण पखवाड़ा’ में स्व-सहायता समूह की बहनों एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की दृढ़ इच्छाशक्ति और जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान से जम्मू-कश्मीर भारत का मुकुटमणि बना है। यदि डॉ. मुखर्जी न होते, तो आज पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा नहीं होता। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की बहनों ने पर्यावरण संरक्षण के साथ आत्मनिर्भर बनने का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘मन की बात‘ कार्यक्रम को सुनकर जनता जनसरोकार के कार्यों से जुड़ती जा रही है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जम्मू-कश्मीर से धारा-370 हटाकर जनसंघ के संस्थापक श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना साकार किया। डॉ. मुखर्जी के 125वें जयंती वर्ष पर शुरू किए गए ‘स्मरण पखवाड़े’ के तहत कार्यकर्ता भाजपा की राष्ट्र प्रथम की विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री जी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं ने प्लास्टिक के कचरे का स्वयं निस्तारण कर बताया कि बदलाव की शुरूआत स्वयं करनी होगी। महिलाओं ने प्लास्टिक के कचरे को समस्या नहीं समाधान का माध्यम बनाया और लोगों के लिए एक आदर्श प्रस्तुत किया है।

जवाहरलाल नेहरू की नीतियों के कारण कश्मीर ने झेला संताप – डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आजादी के समय सरदार वल्लभभाई पटेल ने 600 से अधिक रियासतों का भारत में सफलतापूर्वक विलीनीकरण कराया, लेकिन नेहरू ने अपनी व्यक्तिगत मित्रता के कारण जम्मू-कश्मीर का जिम्मा अपने हाथों में ले लिया। परिणामस्वरूप, एक ही देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान की व्यवस्था थोप दी गई। कश्मीर का अलग झंडा और अलग कानून बना दिया गया। जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इस ऐतिहासिक भूल का प्रखर विरोध किया। उन्होंने ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे‘ का नारा दिया और केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर जनसंघ की स्थापना की। जब वे विरोध दर्ज कराने कश्मीर सीमा में दाखिल हुए, तो उन्हें जेल में डाल दिया गया, जहां रहस्यमयी परिस्थितियों में देश के इस महान सपूत का बलिदान हो गया।

उन्होंने कहा कि आजादी के समय जब कांग्रेस और मुस्लिम लीग के कुछ नेताओं के षड्यंत्रों के कारण देश का विभाजन धार्मिक आधार पर तय दिख रहा था, तब डॉ. मुखर्जी ने ‘बंग-भंग‘ और विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन चलाया। उनके इसी अथक संघर्ष का परिणाम है कि आज पश्चिम बंगाल सुरक्षित और भारत का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने दंगों के उस दौर में अपनी जान जोखिम में डालकर हजारों माताओं-बहनों और नागरिकों के प्राणों की रक्षा की थी। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के 125वें जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश के सभी बूथों पर गौरव कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई है। आने वाले दिनों में प्रदेश के सभी बूथों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डॉ. मुखर्जी असाधारण क्षमता, ईमानदारी और प्रशासनिक अनुभव के धनी थे। वह देश के पहले उद्योग और आपूर्ति मंत्री होने के साथ ही संविधान सभा के महत्वपूर्ण सदस्य भी रहे। उनकी विद्वत्ता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मात्र 33 वर्ष की अल्पायु में वे कोलकाता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने।

आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का कार्य करें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने राजगढ़ जिले के ब्यावरा में महिलाओं द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ब्यावरा की बहनों ने प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिल कर इको-ब्रिक्स तैयार कर पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। महिलाओं का यह कार्य खुद को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है। हम सभी को पर्यावरण के संरक्षण के लिए कार्य करना चाहिए। प्रधानमंत्री जी ने स्वच्छता का देशव्यापी अभियान चलाकर भारत को स्वच्छता में ऊंचे पायदान पर पहुंचाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने आगामी गणेश महोत्सव के अवसर पर देशवासियों से मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाएं लेने का आग्रह किया है, जिससे हमारी आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी होगा। हमे प्रधानमंत्री जी के आग्रह पर मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाएं स्थापित करते हुए पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देना चाहिए।

डॉ. मुखर्जी के विचारों, त्याग और बलिदान को जन-जन तक पहुंचाएं कार्यकर्ता- श्री हेमंत खण्डेलवाल
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि 6 जुलाई को जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125वें जयंती वर्ष के अवसर पर पूरे प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से उनके राष्ट्रवादी विचारों, त्याग और बलिदान को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। डॉ. मुखर्जी केवल जनसंघ के संस्थापक ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया था। उन्होंने बंगाल को पाकिस्तान में शामिल होने से बचाने के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। 23 जून 1953 को डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उस समय जम्मू-कश्मीर में ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान‘ जैसी व्यवस्था थी, जिसका उन्होंने पुरजोर विरोध किया। उनका स्पष्ट मानना था कि भारत में दो संविधान और दो व्यवस्थाएं स्वीकार्य नहीं हो सकतीं।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जिस अभियान की शुरुआत की थी, उसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने धारा-370 को समाप्त कर पूरा किया। इससे जम्मू-कश्मीर पूरी तरह भारत की संवैधानिक व्यवस्था का अभिन्न अंग बना और डॉ. मुखर्जी का सपना साकार हुआ। डॉ. मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, त्याग और अखंड भारत के संकल्प का प्रतीक है। उनकी 125वीं जयंती केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और राष्ट्र प्रथम की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि 6 जुलाई को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी, महिला स्व-सहायता समूहों की बहने तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। कार्यक्रम में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा।
महिलाओं ने प्लास्टिक के कचरे को समस्या नहीं समाधान का माध्यम बनाया
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं ने प्लास्टिक के कचरे को समस्या नहीं समाधान का माध्यम बनाया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ‘मन की बात‘ कार्यक्रम के 135वें एपिसोड में मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं के अनूठे प्रयास की प्रशंसा की। ब्यावरा की महिलाओं ने प्लास्टिक कचरे को रीसाइक्लिंग कर शहर के सौंदर्यीकरण में उपयोग किया और देश के लिए स्वच्छता का जो संदेश दिया है, उससे हम सभी को प्रेरणा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति चाहता है कि उसका गांव और शहर साफ-सुथरा रहे, लेकिन अक्सर लोग सफाई की जिम्मेदारी किसी और पर छोड़ देते हैं। इसके विपरीत, ब्यावरा की महिलाओं ने स्वयं पहल करते हुए शहर में फैले प्लास्टिक कचरे और खाली बोतलों को एकत्र करना शुरू किया।
इस पहल से न केवल प्लास्टिक प्रदूषण कम हुआ, बल्कि शहर को भी नया और आकर्षक स्वरूप मिला। पिछले कुछ महीनों में ब्यावरा में सैकड़ों किलोग्राम प्लास्टिक कचरे का पुनर्चक्रण किया गया है। जो प्लास्टिक पहले पर्यावरण के लिए खतरा माना जाता था, वही अब शहर की सुंदरता बढ़ाने का माध्यम बन गया है। उन्होंने इस अभियान से जुड़ी सभी महिलाओं और सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे प्रयास पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहल दिखाती है कि यदि समाज स्वयं जिम्मेदारी उठाए तो स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जैसे बड़े लक्ष्य भी आसानी से हासिल किए जा सकते हैं। ब्यावरा की महिलाओं का यह प्रयास जनभागीदारी और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने बैतूल को दी बड़ी सौगातें, बनेगा पर्यटन सर्किट
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल प्रवास के दौरान जिले को बड़ी सौगातें दी है। आदिवासी बहुल बैतूल जिले और भैंसदेही विधानसभा के कुकरू को पर्यटन के लिए विकसित करने की कई घोषणाएं की हैं। मध्यप्रदेश टूरिज्म व वन विभाग के एक साझा एग्रीमेंट से करीब 15 करोड़ की लागत से कुकरू के सनराइज व सनसेट प्वाइंट का विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चिखलदरा, मेलघाट और मुक्तागिरी को मिलाकर पर्यटन सर्किट बनाने की घोषणा भी की है। कुकरू में पानी की समस्या को दूर करने के लिए 4 करोड़ की लागत से एक बड़ा टैंक और एप्रोज रोड का निर्माण कराने की भी घोषणा की है।
इसके साथ ही जम्मूखेड़ा सड़क निर्माण के लिए 70 लख, लोकल दरिया पुलिया निर्माण के लिए 40 लाख, भेड़िया कुंड रोड निर्माण के लिए 85 लख के साथ गोंदिया-गोंडा सड़क के लिए 65 लाख, जम्मूखेड़ा से इमलीथाना सड़क के लिए 65 लाख और ग्राम कमला में बालिका छात्रावास के लिए एक करोड़ 20 लाख रुपए देने की घोषणा भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की है। उन्होंने कहा कि कसाई में उचित मूल्य की दुकान के लिए भी 25 लाख देने की घोषणा की है। साथ ही काफी प्लांट के लिए प्रोसेसिंग केंद्र के लिए भी काफी फेडरेशन से बात चल रही है। डेयरी उत्पादों के एकत्रीकरण के साथ यहां के उत्पादों को कुकरू ब्रांड के रूप में स्थापित करने के लिए भी राज्य सरकार कार्य करेगी।
इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री श्री दुर्गादास उइके, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद उपाध्यक्ष पद्मश्री श्री मोहन नागर, विधायक श्री महेन्द्र सिंह चौहान सहित पार्टी पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
✍️ (संतोष प्रसाद तिवारी)
मीडिया प्रभारी
भाजपा मंडल कैमोर
