कांग्रेस नेताओं का दिग्विजय सिंह को ‘स्लीपर सेल’ कहना आंतरिक कलह का प्रमाण है: विश्वास सारंग

कांगेस की गुटबाजी पार्टी कार्यालय से निकलकर सड़कों पर दिखने लगी है- विश्वास सारंग

(भोपाल) मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में कांग्रेस पार्टी की आंतरिक कलह पर मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को ‘स्लीपर सेल‘ कहना पार्टी की आंतरिक कलह का प्रत्यक्ष प्रमाण है। कांग्रेस की गुटबाजी अब उनके कार्यालयों से निकलकर सड़कों पर दिखने लगी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ही पार्टी की आंतरिक कलह और गुटबाजी पर खुलकर बोलने लगे हैं। धड़ों और गुटों में बंटी कांग्रेस का जनता के मुद्दों से कोई सरोकार नहीं है। कांग्रेस अपनी पार्टी की आंतरिक कलह को छिपाने और जनता का ध्यान भटकाने के लिए मीडिया की सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं।

कांग्रेस के नेता ही अपनी पार्टी की सच्चाई उजागर कर रहे हैं
मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जब भी कांग्रेस के पास जनहित के मुद्दों पर बात करने के लिए कुछ नहीं होता, तब वह झूठे आरोपों और दुष्प्रचार का सहारा लेती है। कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं की सच्चाई उनकी पार्टी के नेताओं के बयानों से ही उजागर हो रही है। कांग्रेस के नेताओं द्वारा ही अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के लिए ‘स्लीपर सेल’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाना इस बात का प्रमाण है कि पार्टी के भीतर गहरा अविश्वास, आपसी खींचतान और नेतृत्व का गंभीर संकट है। जब कांग्रेस पार्टी के नेता ही एक-दूसरे पर इस तरह के गंभीर आरोप लगाने लगें, तो कांग्रेस को दूसरों पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रह जाता।

कांग्रेस में वर्चस्व की लड़ाई अब खुले मंचों पर दिखने लगी है
मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता वर्चस्व की आपसी लड़ाई में इस कदर उलझे हुए हैं कि यह लड़ाई उनके खुले मंचों से एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बयान ही यह साबित करने के लिए पर्याप्त हैं कि पार्टी आज संगठनात्मक रूप से पूरी तरह बिखर चुकी है। कांग्रेस को मध्यप्रदेश में एक रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने और जनहित के मुद्दों पर कार्य करना चाहिए, लेकिन कांग्रेस नेता अपना घर ही नहीं संभाल पा रहे तो मध्यप्रदेश क्या संभालेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की आंतरिक कलह अब सड़कों से लेकर मीडिया तक चर्चा का विषय बन चुकी है। मध्यप्रदेश की जनता कांग्रेस की इस राजनीति को भली-भांति समझ चुकी है और ऐसे दुष्प्रचार तथा भ्रम फैलाने के प्रयासों को लगातार नकार रही है।

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