एसी खरीदी में धांधली के आरोपों से घिरी नगर परिषद कैमोर, खड़े हो रहे कई सवाल

बिना टेंडर जारी किए ही हो गया खेला, अब जांच मांग ने पकड़ा जोर, मचा हड़कंप

(कैमोर) नगर परिषद कैमोर इन दिनों विवादों और सवालों के घेरे में है। एसी खरीदी के मामले में नियमों को धता बताते हुए धांधली करने के आरोप नगर परिषद पर लग रहे हैं। आरोपों की वास्तविकता में गहराई कितनी है यह तो नगर परिषद कैमोर का जिम्मेदार अमला ही जाने लेकिन लोगों में चर्चाओं का बाजार गर्म है और परिषद की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह भी लगाए जा रहे हैं।

खरीदी प्रक्रिया पर प्रश्न चिन्ह
स्थानीय स्तर पर लगाए गए आरोपों के बाद अब इस पूरे मामले ने जमकर तूल पकड़ लिया है। परिषद द्वारा एसी की खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों के अलावा कुछ जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि नगर परिषद में कुछ एसी खरीदे गए हैं, लेकिन खरीदी प्रक्रिया में निर्धारित टेंडर प्रणाली का पालन नहीं किया गया। अगर यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सरकारी खरीदी नियमों को ताक में रखने और मनमाना रवैया इख्तियार करने की बानगी होगी।

अब तक अनसुलझे सवाल
क्या वास्तव में नियमों को नजरअंदाज किया गया, खरीद किसके आदेश पर हुई, कितनी राशि खर्च की गई, सप्लायर का चयन किस आधार पर हुआ,
भुगतान किस आधार पर किया गया, क्या पूरी प्रक्रिया नियमानुसार थी, सारे सवाल अबूझ पहेली बने हुए हैं जिनके जवाब सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ सके हैं। आरोपों के अनुसार खरीद प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धी निविदा (टेंडर) नहीं निकाली गई।

उपाध्यक्ष ने भी उठाई जांच की मांग
नगर परिषद के उपाध्यक्ष संतोष केवट ने मामले को गंभीर बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकारी खरीद में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं आम नागरिकों का कहना है कि अगर एसी की खरीदी में पारदर्शिता है तो रिकॉर्ड सार्वजनिक होना चाहिए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकारी धन जनता का धन है। यदि पूरी खरीद प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई है तो संबंधित दस्तावेज, टेंडर और भुगतान का विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि सभी शंकाएं दूर हो सकें। इस मामले में किसी जिम्मेदार अधिकारी की स्पष्ट प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है। ऐसे में यह कहना पूरी तरह सही नहीं होगा कि शिकायतों और आरोपों की बुनियाद कितनी ठोस है। फिलहाल खरीद प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार हुई या किसी स्तर पर अनियमितता हुई यह सवाल अभी तक अनसुलझे ही हैं।

आरपीकेपी इंडिया न्यूज नहीं करता आरोपों की पुष्टि
आरपीकेपी इंडिया न्यूज किसी भी व्यक्ति या संस्था को दोषी नहीं ठहराता। यदि नगर परिषद या संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा, ताकि पाठकों तक संतुलित और तथ्यात्मक जानकारी पहुंचे।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने कहा:-
इस संबंध में जब नगर परिषद कैमोर के सीएमओ मनीष परते से बात की गई तो उन्होंने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। सीएमओ श्री परते का कहना था कि ” एसी की खरीदी में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं की गई है सारी प्रक्रिया नियमानुसार हुई है।”

✍️ अजय त्रिपाठी
     न्यूज एडिटर
 RPKP INDIA NEWS

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