ग्रामीण विकास के कार्यों में गति लायें – कलेक्टर
कटनी – कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने ग्रामीण विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण विकास के कार्यों में गति लाने के निर्देश दिये हैं। उन्होने कहा कि ग्रामीण विकास के कार्यों में दैनिक रुटीन की गति बनाये रखें, तो कार्य पूर्ण होने की अवधि में मिशन मोड में कार्य करने की आवश्यकता नहीं होगी। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न ग्रामीण विकास और अन्य विभागों की अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर ने ग्रामीण विकास की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिये। इस मौके पर सीईओ जिला पंचायत जगदीश चन्द्र गोमे, डिप्टी कलेक्टर नदीमा शीरी, संघमित्रा गौतम, एसीईओ गौरव पुष्प, कार्यपालन यंत्री आरईएस एम0एस0 ठाकुर, जिला परियोजना प्रबंधक शबाना बेगम, जिला खाद्य अधिकारी पी0के0 श्रीवास्तव सहित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं सहायक यंत्री उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री सिंह ने वन नेशन-वन राशन कार्ड के तहत पात्र परिवारों के सदस्यों की आधार सीडिंग कार्य की समीक्षा के दौरान कहा कि आधार कार्ड बनाने और आधार सीडिंग की प्रक्रिया सतत् जारी रखें। इसी प्रकार ग्राम पंचायतों द्वारा जन्म और मृत्यु के पंजीयन की कार्यवाही प्रत्येक माह नियमित रुप से करें और इसका प्रमाण पत्र भी देवें। उन्होने कहा कि शासकीय कार्यों का निष्पादन रुटीन कार्यों की गति बनाये रखते हुये किया जाये, तो अंतिम समय सीमा तक मिशन मोड में कार्य करने की आवश्यकता नहीं होगी। जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि जिले में 9 लाख 7 हजार 684 पात्र परिवार सदस्यों में से 1 लाख 23 हजार सदस्यों की आधार सीडिंग शेष थी। इनमें से 1 लाख 9 हजार 336 परिवार सदस्यों की आधार सीडिंग पूरी कर ली गई है। जो कुल परिवारों का 96 प्रतिशत और शेष परिवारों का 88 प्रतिशत है। आधार कार्ड विहीन 14150 सदस्यों की आधार सीडिंग होना अभी शेष है। कलेक्टर श्री सिंह ने शेष आधार सीडिंग का कार्य दो दिवस में पूर्ण करने तथा उपार्जन के भण्डारण हेतु सभी जनपदों से ओपन कैप निर्माण के प्रस्ताव 2 दिवस के भीतर भेजने के निर्देश दिये।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि प्रत्येक जनपद से 2 महिला स्वसहायता समूहों को उपार्जन केन्द्र चलाने की जिम्मेदारी दी जायेगी। इनका एक सप्ताह का प्रशिक्षण आरसेटी में भी दिलवायें। डिप्टी कलेक्टर नदीमा शीरी ने बताया कि 11 अक्टूबर को ग्रामीण स्वामित्व योजना के तहत प्रधानमंत्री जी के संबोधन का लाईव एवं वेबकास्टिंग से प्रसारण सभी ग्राम पंचायतों में किया जायेगा। कार्यक्रम के बारे में मुनादी कर सूचना दें और वेबकास्टिंग के लिये अधिकतम रजिस्ट्रेशन भी करायें।
कलेक्टर श्री सिंह ने मनरेगा के कार्यों की समीक्षा करते हुये लेबर संबद्धता और कार्यों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिये। ताकि प्रवासी मजदूरों को स्थानीय स्तर पर अधिकतम रोजगार मिल सके और उन्हें रोजगार की तलाश में अन्यत्र नहीं जाना पड़े। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश चन्द्र गोमे ने बताया कि मनरेगा में जिले में प्रतिदिन 28 हजार 198 श्रमिकों रोजगार दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष में अब तक 70 करोड़ 86 लाख रुपये की मजदूरी का भुगतान किया गया है।
विजयराघवगढ़ और बहोरीबंद में एफटीओ करने पर विलम्ब होने से संबंधित सीईओ से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिये गये। गौशाला निर्माण की समीक्षा में बताया गया कि स्वीकृत 30 गौशालाओं में 29 गौशालाओं का निर्माण पूरा करते हुये 12 गौशालाओं का संचालन किया जा रहा है। सभी गौशालाओं के रखरखाव और संचालन के लिये राशि आवंटित कर दी गई है।
गरीब कल्याण रोजगार अभियान की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने समय सीमा के दृष्टिगत सभी संचालित कार्य 20 अक्टूबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिये। अभियान के तहत अब तक 193 करोड़ रुपये व्यय कर 23 लाख 63 हजार 81 मानव दिवस का रोजगार सृजित किया गया है। आजीविका मिशन के समूहों के वित्तीय पोषण की समीक्षा करते हुये कलेक्टर श्री सिंह ने सांसद आदर्श ग्राम बण्डा और अन्य जैविक खेती से जुड़े महिला स्वसहायता समूहों के कौशल उन्नयन एवं उत्पादन विपणन की गतिविधियों में प्रगति लाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री पथ विक्रेता योजना की समीक्षा में बताया गया कि बैंकों द्वारा 898 प्रकरणों में ऋण स्वीकृत कर 467 हितग्राहियों को 46 लाख 70 हजार रुपये ऋण वितरण कर दिया गया है।
सांसद, विधायक निधि के कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करें
कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा ग्रामीण विकास के कराये जा रहे अधोसंरचना संबंधी निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान सांसद विधायक निधि से स्वीकृत निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिये हैं। उन्होने स्पष्ट निर्देश दिये कि शासन के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक निर्माण कार्य के नाम, स्वीकृत राशि, तिथि आदि की जानकारी सहित निर्माण स्थल पर बोर्ड में प्रदर्शित की जाये। कार्यपालन यंत्री आरईएस ने बताया कि विभाग को जिले में 24 करोड़ 67 लाख रुपये लागत के 93 कुल कार्य स्वीकृत हैं। जिनमें से 10 करोड़ 23 लाख रुपये व्यय कर 38 कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं। इस वर्ष के लिये स्वीकृत 102 नवीन गौशालाओं के लिये स्थल चयन कर 56 गौशालाओं की तकनीकी स्वीकृति दी जा चुकी है।

