एग्री इन्फ्रा फण्ड के तहत बनायें किसानों के प्रस्ताव – कलेक्टर

( कटनी ) – भारत सरकार द्वारा आत्म निर्भर भारत के तहत एग्री इन्फ्रास्ट्रक्चर फण्ड निर्मित किया गया है। कृषि, उद्यानिकी के किसान एवं फूड प्रोसेसिंग में लगे स्वसहायता समूहों को सीधे लाभान्वित करने संबंधित विभागों द्वारा प्रोजेक्ट तैयार किये जायें। इस आशय के निर्देश कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने नाबार्ड, कृषि, उद्यानिकी, उद्योग एवं बैंक अधिकारियों की बैठक में दिये। इस मौके पर महाप्रबंधक उद्योग अजय श्रीवास्तव, नाबार्ड के जिला प्रबंधक एम0 धनेश, उप संचालक कृषि ए0के0 राठौर, परियोजना अधिकारी उद्यानिकी सूर्यभान सिंह, एलडीएम उद्यम वानरा सहित कृषि, उद्यानिकी के मैदानी अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट-वन क्रॉप के तहत कटनी जिले में धान और टमाटर का चयन किया गया है। इसके अलावा जिले में अन्य उद्यानिकी और कृषि फसलों में खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों और वैल्यू एडीशन की प्रचुर संभावनायें हैं। एग्री इन्फ्रा फण्ड के तहत ली जाने वाली गतिविधियों में किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने के लिये उनके प्रोजेक्ट तैयार कर बैंक और नाबार्ड के समन्वय के साथ क्रियान्वित करें।

एग्री इन्फ्रास्ट्रक्चर फण्ड (कृषि अवसंरचना कोष) की जानकारी में नाबार्ड के जिला प्रबंधक एम0 धनेश ने बताया कि सभी ऋणों के लिये 2 करोड़ की सीमा तक प्रतिवर्ष 3 प्रतिशत का ब्याज अनुदान अधिकतम 7 वर्षों के लिये दी जायेगी। वैल्यू एडीशन के प्रमुख तत्वों को स्थापित करने और आधुनिकीकरण के लिये योजना में पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेन्ट प्रोजेक्ट में ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म सहित सप्लाई चैन, भण्डारण गृहों का निर्माण, पैक हाउस, परीक्षण प्रयोगशालायें, छंटाई एवं ग्रेडिंग की इकाईयां, वातानुकूलित परिवहन वाहन, प्राथमिक प्रसंस्करण केन्द्र, फसल पकाने के यंत्र चैम्बर और सामुदायिक कृषि परिसम्पत्तियों में जैविक अदानों का उत्पादन, जैविक खेती के लिये आवश्यक उत्पादन इकाईयां, स्मार्ट कृषि के लिये बुनियादी ढ़ांचा इत्यादि के लिये सहायता दी जा सकेगी।

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अन्तर्गत माईक्रो फूड प्रोसेसिंग उद्यमियों की सुविधा के तहत पोस्ट हार्वेस्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिये प्रति परियोजना का 35 प्रतिशत अनुदान भी 50.75 लाख रुपये की लागत तक की योजना में दिया जा सकेगा। परियोजना अधिकारी उद्यानिकी ने बताया कि कटनी जिले को योजना के तहत 4 लाख रुपये लागत के पैक हाउस में 6, 15 लाख रुपये लागत के कोल्ड रुम बनाने 4, 5 हजार एमटी क्षमता के कोल्ड स्टोरेज का 1, सॉर्टिंग एण्ड ग्रेडिंग यूनिट के 4 और मोबाईल मिनी मिल स्थापित करने का एक इकाई का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।

कलेक्टर श्री सिंह ने एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फण्ड के तहत मैदानी अधिकारियों से संभावनाओं के अनुकूल किसानों की जानकारी ली और उन्हें बीएलबीसी की बैठक के समन्वय से प्रोजेक्ट तैयार कर लाभान्वित करने के निर्देश दिये। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि आजीविका मिशन के महिला स्वसहायता समूह जिले में शासकीय नर्सरी के विकास और गौशाला संचालन के कार्य में भी संलग्न किये गये हैं। आदर्श ग्राम बंडा और तेवरी में ऑर्गेनिक खेती से भी महिला स्वसहायता समूह विभिन्न गतिविधियों में संलग्न हैं। उद्यानिकी और जैविक खेती तथा फूड प्रोसेसिंग के कार्य से जुड़े इन महिला स्वसहायता समूहों को भी आत्म निर्भरता के लिये एग्री इन्फ्रास्ट्रक्चर फण्ड योजना से जोड़ें। कलेक्टर ने एलडीएम और नाबार्ड के जिला प्रबंधक को योजना के हितग्राहियों और बैंक अधिकारियों के साथ समन्वय करने के निर्देश दिये।

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