खरीदी प्रारंभ होने तक सभी व्यवस्थायें चाक चौबंद पूर्ण करें – कलेक्टर

धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा

कटनी – खरीफ उपार्जन वर्ष 2020-21 में धान की खरीदी 16 नवम्बर 2020 से 16 जनवरी 2021 तक की जायेगी। जिले के सभी 102 खरीदी केन्द्रों पर खरीदी शुरु होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थायें, संसाधन एवं चाक चौबंद पूरी तैयारी दुरुस्त कर लें। इस आशय के निर्देश कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने गुरुवार को उपार्जन की तैयारियों संबंधी समीक्षा बैठक में दिये। इस मौके पर सहायक आपूर्ति अधिकारी के0एस0 भदौरिया, सहायक आयुक्त सहकारिता डॉ0 अरुण मसराम, जिला प्रबंधक नान पीयूष माली, मार्कफेड शिक्षा सिंह वर्मा सहित वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन, नापतौल विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि धान उपार्जन के संभावित लक्ष्य 3 लाख 25 हजार एमटी धान की खरीदी के अनुरुप खरीदी, परिवहन एवं भण्डारण की व्यवस्था समय रहते पूर्ण करें। खरीदी केन्द्रों के मॉईश्चर मीटर, तौल कांटे एवं अन्य उपकरणों का केलिब्रेशन प्रमाणीकरण के साथ ही पंखा, पेयजल, बैनर्स, वारदाने इत्यादि की समुचित उपलब्धता रखें। सभी खरीदी केन्द्रों में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का भौतिक सत्यापन कर ट्रायल चैक कर लेवें।

सहायक आपूर्ति अधिकारी के0एस0 भदौरिया ने बताया कि गतवर्ष के धान के रकबे में 13 प्रतिशत की वृद्धि होने से अनुमानित लक्ष्य 3 लाख 25 हजार एमटी धान की खरीदी का लक्ष्य निर्धारित है। इस बार धान उपार्जन में 47 हजार 937 किसानों ने पंजीयन कराया है, जो गतवर्ष से 33 प्रतिशत अधिक है। उपार्जित धान के लिये 16 हजार 250 गठान वारदाने की आवश्यकता होगी। वर्तमान में 10 हजार 444 गठान वारदाने की उपलब्धता है। शेष शॉर्टफॉल पीडीएस और मिलर्स द्वारा उपलब्ध कराये गये वारदानों से पूर्ण कर ली जायेगी। चार हजार नई वारदाने गठानों के लिये प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है। भण्डारण के लिये 2 लाख 10 हजार एमटी की क्षमता उपलब्ध है। जनपद पंचायतों द्वारा 55 हजार एमटी क्षमता के लिये गोदाम और ओपन कैप बनाये जा रहे हैं। जो एक माह में पूर्ण हो जायेंगे। शेष 60 हजार मीट्रिक टन की क्षमता धान और गेहूं के उठाव से रिक्त होगी।

परिवहन के लिये 6 सैक्टर्स में से 4 सेक्टर के लिये परिवहन टैण्डर प्राप्त हुये हैं। प्रत्येक जनपद में इस बार 2 स्वसहायता समूहों को खरीदी केन्द्र से संलग्न किया गया है। समिति स्तर पर स्थापित उपार्जन केन्द्रों के लिये उपार्जन केन्द्र प्र्रभारी ही गुणवत्ता परीक्षक का कार्य करेंगे। भण्डारण एजेन्सी में 2 उपार्जन परीक्षक उपलब्ध है। गोदाम स्तरीय उपार्जन केन्द्रों में नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा गुणवत्ता परीक्षक नियुक्त किये जायेंगे।

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें