धान खरीदी की सभी कार्यवाहियां समय पर पूरी करें – कलेक्टर
( कटनी ) –
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने धान खरीदी से जुड़े अधिकारियों को खरीदी प्रक्रिया की समस्त कार्यवाहियां समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं। उन्होने कहा कि नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा समय पर एसी नोट जारी किये जायें, ताकि किसानों को उनकी विक्रीत धान का शीघ्र भुगतान प्राप्त हो सके। कलेक्टर श्री मिश्रा ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में धान खरीदी कार्य से जुड़े विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में उपार्जन की गतिविधियों की समीक्षा की। इस मौके पर सीईओ जिला पंचायत व अपर कलेक्टर जगदीश चन्द्र गोमे, एसडीएम बलबीर रमन, प्रिया चन्द्रावत, संघमित्रा गौतम, जिला आपूर्ति अधिकारी प्रमोद श्रीवास्तव सहित तहसीलदार भी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने जिले के सभी 102 धान खरीदी केन्द्रों में अब तक हुई धान की खरीदी, परिवहन, कृषकों के भुगतान एवं भण्डारण के संबंध में समीक्षा की। कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि धान खरीदी केन्द्रों में रिजेक्शन के मामलों की जांच और निराकरण के लिये संबंधित अधिकारी क्षेत्र भ्रमण कर धान खरीदी केन्द्रों का सतत् रुप से निरीक्षण करें। अनुविभाग स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मिलर्स की बैठक लेकर वारदानों की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करें। खरीदी हुई धान के स्वीकृत पत्र (एसी नोट) समय पर जारी किये जायें। इस बार जिले के 5 खरीदी केन्द्र महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से संचालित किये जा रहे हैं। संबंधित अधिकारी खरीदी केन्द्रों का सतत् निरीक्षण कर समूह को सहयोग प्रदान करें। कलेक्टर श्री मिश्रा ने खरीदी केन्द्रों से परिवहन की गति बढ़ाने के निर्देश दिये। समीक्षा के दौरान कटनी और विजयराघवगढ़ सेक्टर में परिवहन की गति कम पाये जाने पर इसे सुधार करने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिये।

जिला आपूर्ति अधिकारी प्रमोद श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में धान खरीदी के लिये 102 केन्द्र बनाये गये हैं। जिनमें 49 हजार 937 किसान पंजीकृत हैं। अब तक 8582 किसानों ने 50 हजार 386 मेट्रिक टन धान का विक्रय किया है। जिसमें 36 हजार 767 एमटी धान का परिवहन हो चुका है, जो खरीदी का 73 प्रतिशत है। अब तक 4 हजार 58 किसानों को खरीदी का भुगतान किया जा चुका है। कलेक्टर श्री मिश्रा ने जिलास्तरीय कन्ट्रोल रुम और अनुविभाग स्तर की समितियों को धान खरीदी के संबंध में प्राप्त होने वाली शिकायतों, समस्याओं का निराकरण तत्परता पूर्वक करने के निर्देश दिये हैं।

