ओपिनियन

भैया दूज प्रेम का, हृदय का त्योहार ! इसमें बसती द्रौपदी, है कान्हा का प्यार !!

●●●●● कहती हमसे दूज ये, तुच्छ है सभी स्वार्थ ! बहनों की शुभकामना, तुमको करे…

Share this:

यह भी देखें