तीन करोड़ रूपये से किया जायेगा सागर के राहतगढ़ किले का सौंदर्यीकरण

(सागर) सागर के राहतगढ़ किले को सहेजना एवं संभालना हमारी जिम्मेदारी और कर्त्तव्य है। राहतगढ़ के किले में सागर का इतिहास विद्यमान है और किले को तीन करोड़ रुपए से अधिक की राशि से राष्ट्रीय पुरातत्व संग्रहालय के माध्यम से सँवारा जायेगा। राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत आजादी के अमृत महोत्सव के 75 वर्ष एवं संघर्ष के 75 नारों के साथ आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि देश की पुरातात्विक विरासत को बचाए रखने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश में पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के माध्यम से उनको सहेजने एवं संभालने के लिए अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि राहतगढ़ किला गोंड राजाओं का किला हुआ करता था, राहतगढ़ किले में जिस विरासत का चित्रण किया गया है वह अद्भुत है और इस को सहेजने के लिए राष्ट्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा कार्य प्रारंभ किया गया है। आने वाले दिनों में यहाँ बड़ा आयोजन किया जाएगा, जिसमें राहतगढ़ किले की विरासत को प्रदर्शित भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमें अपनी पुरानी विरासत को कभी नहीं भूलना चाहिए क्योंकि इतिहास भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता है।

सांसद श्री राज बहादुर सिंह ठाकुर ने कहा कि स्वतंत्रता दिलाने के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिन्होंने भी बलिदान दिया है उन सब को मेरा प्रणाम। सांसद श्री ठाकुर ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत केन्द्र सरकार द्वारा अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और आजादी के संघर्ष की कहानी उनमें प्रदर्शित की जा रही है। कार्यक्रम के पूर्व श्री बाजपेई ने स्वागत भाषण देते हुए प्रतिवेदन प्रस्तुत किया ,साथ ही श्री प्रवीण कुमार मिश्रा ने अपने विचार व्यक्त किए।

75 नारों की छाया चित्र प्रदर्शनी का किया लोकार्पण

राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री राजपूत एवं सांसद श्री ठाकुर ने राहतगढ़ किले में लगाई गई 75 नारों की छायाचित्र प्रदर्शनी का लोकार्पण किया।

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण जबलपुर मंडल के द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव एवं राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर आयोजित आजादी के 75 वर्ष और संघर्ष के 75 नारों के साथ विषय पर केंद्रित छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई है। मंत्री श्री राजपूत एवं सांसद श्री ठाकुर ने छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

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