जिला प्रबंधक मध्यप्रदेश सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन को कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने जारी किया कारण बताओं नोटिस

(कटनी) –  कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने जिले में फोर्टीफाईड राईस प्रदान किये जाने के मामले में लापरवाही बरतने पर मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन जिला प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिवस के अंदर स्पटीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश प्रदान किये हैं।

जारी नोटिस मे कहा गया है कि जिले में माह जुलाई 2022 में फोर्टीफाईड राईस प्रदान करने के निर्देश शासन स्तर से दिये गए थे, लेकिन आपके द्वारा वीडियो कान्फेंस एवं अन्य माध्यमों से जिले में फोर्टीफाईड राईस की उपलब्धता नहीं होने के कारण माह जुलाई 2022 में शासकीय उचित मूल्य दुकानों को राईस नहीं प्रदान करने की जानकारी लगातार दी गई। जिले मे फोर्टीफाईड राईस की अनुपलब्धता के बावजूद उसके आर.ओ. एवं डी.ओ. जारी किये गए। पोर्टल अनुसार 217 शासकीय उचित मूल्य दुकानों के फोर्टीफाईड राईस के ट्रक चिट्स जनरेट किये गए। पोर्टल के अनुसार 1467 मेट्रिक टन फोर्टीफाईड राईस के आबंटन के विरूद्ध डिस्पैच मात्रा 1438 मेट्रिक टन है तथा उचित मूल्य दुकानों के द्वारा फोर्टीफाईड राईस की रिसीविंग मात्रा 1164 मेट्रिक टन है। नोटिस में कहा गया है कि उक्त अनियमितता के कारण पोर्टल पर न केवल फोर्टीफाईड राईस के ट्रक चिट्स रिसीव हुए बल्कि उसका वितरण भी हो गया। जबकि किसी भी दुकान को फोर्टीफाईड राईस प्रदान नहीं किया गया।

इसी प्रकार माह जून 2022 में शासकीय उचित मूल्य दुकान खम्हरिया में एक किलोग्राम गेहूं के ट्रक चिट्स जनरेट किये गए जबकि उक्त सामग्री का प्रदाय किया जाना संभव नहीं है।

कनिष्ट आपूर्ति अधिकारी बहोरीबंद के प्रतिवेदन में तहसील की 17 उचित मूल्य दुकानों के ट्रक चिट्स 16 जुलाई को जनरेट किये गए लेकिन ट्रक चिट्स की सामग्री 18 जुलाई से भेजना प्रारंभ हुई। इससे स्पष्ट होता है कि आपके द्वारा पहले ट्रक चिट्स को जनरेट किया गया और दो दिन बाद सामग्री लोड कराई गई। किसी भी ट्रक चिट्स की रिवीसिंग सामग्री पहुंचने के 24 घंटे के अंदर संभव नहीं है।

इसी प्रकार 15 जुलाई को जनरेट ट्रक चिट्स की सामग्री 18 जुलाई तक शासकीय उचित मूल्यों की दुकानों तक नहीं पहुंच सकी, इससे सामग्री का वितरण प्रभावित हुआ है। साथ ही खाद्य विभाग में जिले की रेंकिंग पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।

कलेक्टर श्री मिश्रा ने जिला प्रबंधक को सूचना पत्र प्राप्ति के तीन दिवस के अंदर अपना स्पटीकरण समक्ष में उपस्थित होकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही निर्धारित समय अवधि में उत्तर प्राप्त नहीं होने की दशा में एकपक्षीय कार्यवाही प्रस्तावित करने की चेतावनी भी दी है।

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