पुष्कर धरोहर योजना से सँवरी पुटपुरा तालाब की तस्वीर, निर्मल नीर से लबालब भरा तालाब बना जलतीर्थ
(कटनी)- कटनी जिले के रीठी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत सिमराकला के पुटपुरा तालाब की तस्वीर बदल गई है। तालाब में अब निर्मल और साफ-सुथरा लवालब पानी भरा हुआ है। यह सब मुमकिन हुआ है, पुराने तालाबों के जीर्णाद्धार के लिए शुरू की गई शासन की पुष्कर धरोहर योजना से।
जनपद पंचायत रीठी के सी.ई.ओ. ज्ञानेन्द्र कुमार मिश्रा ने बताया कि पुटपुरा तालाब काफी पुरानी जल संरचना है, इससे ग्रामीणों को निस्तार और रोजमर्रा की जरूरत का पानी मिलता था। लेकिन इधर कुछ साल पहले से पुटपुरा तालाब की स्थिति ठीक नहीं थी, गंदा पानी भरा रहता था, तालाब में शिल्ट भी जम गई थी। इस वजह से कभी जलतीर्थ के रूप में पूजित इस तालाब की ओर जाने से भी ग्रामीण कतराने लगे थे। ऐसे में सी.ई.ओ श्री मिश्रा ने ग्राम रोजगार सहायक संतराम को निर्देशित कर इस पुराने तालाब को पुष्कर धरोहर योजना से संवार कर उसे पुरावैभव स्वरूप में वापस लाने का निर्देश दिया।
आनन-फानन में तालाब जीर्णाेद्धार की पुष्कर धरोहर योजना से पुटपुरा तालाब के जीर्णाेद्धार व गहरीकरण का प्रस्ताव तैयार किया गया। इस कार्य से गांव के ही 638 मजदूरों को दो हजार 839 मानव दिवसों का रोजगार मिला और 5 लाख 81 हजार रूपये की मजदूरी का भुगतान किया गया। योजना के प्रभारी अधिकारी अजीत सिंह बताते हैं कि मई 2022 में तालाब जीर्णाेद्धार का कार्य शुरू करने के दो माह के बाद ही तालाब निर्मल नीर से लबालब, अपने नए स्वरूप में दिखने लगा। करीब 4 हेक्टेयर भू-क्षेत्र में फैले इस तालाब में बारिश का पानी संरक्षित हो गया है।
अपने नये स्वरूप में तालाब ग्रामीणों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। गांव के लोगों के निस्तार, पशुओं को पानी पिलाने और आस-पास का बढ़ा भू-जल स्तर स्पष्ट परिलक्षित होने लगा है।
सी.ई.ओ. श्री मिश्रा बताते है कि इसे आदर्श तालाब के रूप में विकसित करने की योजना है, इसके तटों में पेड़-पौधे रोप कर पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जायेगा। भविष्य में इसमें मछली पालन और सिंघाड़ा उत्पादन जैसी गतिविधियॉं भी की जा सकेंगी

