कलेक्टर अवि प्रसाद ने शा.मा.शा.खम्हरिया में पदस्थ प्रधानाध्यापक को स्वेच्छाचारिता पूर्वक विद्यालय संचालक पर किया निलंबित
(कटनी) – अनियमित रूप से उपस्थित रहने तथा स्वेच्छाचारिता पूर्वक विद्यालय का संचालन करने तथा योजनाओं का संचालन प्रभावी ढंग से न करने वाले प्रधानाध्यापक श्री शौकी लाल सूर्यवंशी के कृत्य को गंभीर लापरवाही मानते हुए को कलेक्टर अवि प्रसाद ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
श्री शौकी लाल सूर्यवंशी प्रधानाध्यापक शा.मा.शा.खम्हरिया संकुल केन्द्र- शा.उ.मा.वि. पहरूआ विकासखण्ड ढीमरखेडा में पदस्थ थे। निलंबन के दौरान इन्हें जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी और इनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी ढीमरखेड़ा निर्धारित किया गया है।
कलेक्टर श्री प्रसाद ने प्रधानाध्यापक शौकी लाल सूर्यवंशी के विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही विकासखण्ड स्रोत समन्वयक जनपद शिक्षा केन्द्र ढीमरखेड़ा के प्रतिवेदन के आधार पर किया है। जिसमे उल्लेखित किया गया है, कि श्री शौकी लाल सूर्यवंशी अनियमित रूप से अनुपस्थित रहते है विद्यालय में उपस्थित होने का कोई समय निर्धारित नही है, स्वेच्छाचारिता पूर्वक विद्यालय संचालन किये जाने की वजह से विभागीय योजनाओं का संचालन प्रभावित हो रहा है। विद्यालय में अध्यनरत छात्र-छात्राओं के अध्यापन से वंचित रहने संबंधी न्यूज भी प्रकाशित हुई है।
उक्त के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कटनी द्वारा 19 दिसंबर को करण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब चाहा गया जो प्राप्त नही हुआ। श्री शैकी लाल सूर्यवंशी का उक्त कृत्य म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विपरीत कदाचरण की श्रेणी मे आता है।
कलेक्टर श्री प्रसाद ने निलंबित प्रधानाध्यापक शौकी लाल सूर्यवंशी के कृत्य को मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के प्रावधानों के विपरीत होने की वजह से मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
