उद्यानिकी फसलों की खेती से किताब लाल की आमदनी हुई दोगुनी
(कटनी)- राज्य शासन की किसान हितैषी नीति कृषि में नवाचार और उद्यानिकी फसलों की खेती करने से विकासखंड बहोरीबंद के निमास ग्राम निवासी किताब लाल कुशवाहा की आमदनी दोगुनी हो गई है।
किताब लाल बताते हैं, कि वे अपनी करीब 3 हेक्टेयर कृषि भूमि में परंपरागत खेती करते थे। जिससे मेरी आमदनी करीब डेढ़ लाख रुपए साल की ही हो पाती थी। लेकिन उद्यानिकी विभाग के भूषण कुमार पाठक के सलाह पर जब मैंने अपने डेढ़ हेक्टेयर के खेत में आलू, टमाटर, प्याज, लहसुन, बैगन, पालक, गोभी और मूली की बागवानी करनी शुरू की तो इससे मेरी आमदनी में बढ़ोतरी हुई। साथ ही इसे बेचने से नगद पैसा मिलने से रोजमर्रा की जरूरतों की पूर्ति करने में सुविधा हो गई है।
उद्यान विभाग के अनुदान से बैटरी वाला पंप और कीटनाशक छिड़काव यंत्र की मदद से कृषि व बागवानी करने वाले किताब लाल कुशवाहा के पास दो वर्मी कंपोस्ट इकाई हैं। जिनके खाद का उपयोग भी खेती में करते हैं। साथ ही सिंचाई के लिए वे ड्रिप) सिं्प्रकलर पद्धति का उपयोग करते है। आधुनिक व उन्नत खेती करने से किताब लाल की सालाना आमदनी डेढ़ लाख रुपये से बढ़कर अब 3 लाख रुपये साल की हो गई है।
