देवारण्य योजना की जिला स्तरीय समिति की बैठक सम्पन्न
जिले में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जायेगा
( कटनी ) – राज्य शासन ने औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देकर किसानों का आर्थिक उन्नयन करने के उद्देश्य से प्रदेश में देवारण्य योजना लागू की है। योजना का क्रियान्वयन आयुष विभाग और अन्य विभागों के समन्वय से संपूर्ण कटनी जिले मे किया जायेगा। देवारण्य योजना की जिला स्तरीय समिति की बैठक कलेक्टर अवि प्रसाद की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई।
बैठक के दौरान देवारण्य तकनीकी समिति के अध्यक्ष मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कटनी शिशिर गेमावत एवं समिति के सदस्य सर्व श्री वन मंडल अधिकारी गौरव शर्मा, उपसंचालक कृषि विभाग, कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवाएं, जिला सेयोजक जन जातीय कल्याण, जिला योजना अधिकारी आर्थिक एवं सांख्यिकी, सहायक संचालक उद्यनिकी विभाग तथा जिला आयुष अधिकारी डॉ रितु द्विवेदी सहित समस्त सदस्यगण मौजूद रहे।
बैठक में कलेक्टर श्री प्रसाद ने निर्देशित किया कि जैव विविधता के आधार पर जिले में मांग के अनुरूप औषधीय पौधों को चिन्हांकित किया जावे। इनमें आंवला, अश्वगंधा, तुलसी, स्टीविया,नीम, स्टीविधा बेलपत्र, लेमनग्रास एवं एलोवेरा, आदि शामिल हैं। उन्होंने किसानों को चिन्हित कर सही मार्केट लिंकेज विकसित करने पर जोर दिया। बैठक में जिला स्तर पर गैर सरकारी संगठन के चयन के एवं आगामी समय में इस योजना अंतर्गत गैर सरकारी संगठन के माध्यम से किये जाने वाले कार्याे की रूपरेखा पर विस्तार पूर्वक चर्चा की जाकर अध्यक्ष जिला स्तरीय तकनीकी समिति एवं अन्य सदस्यगणों की सहमति के आधार पर गैर सरकारी संगठनों का चयन किया गया।

वनमंडल अधिकारी श्री गौरव शर्मा ने कटनी जिले की डाबर फैक्ट्री को अन्य जिलों से प्रदाय किये जानें वाले ऑवला एवं कटनी जिले के उच्च क्वालिटी के ऑवला के संबंध में जानकारी प्रदाय की जाकर ऑवले की उपज को बढावा देने की बात कही गई।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. रितु द्विवेदी ने पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से योजना के उद्धेश्य, कार्यक्षेत्र, योजना के स्वरूप, जिला स्तरीय तकनीकी समिति के दायित्व, जिला स्तर पर तकनीकी गैर सरकारी एजेंसियों के कार्याे एवं जिले में विभिन्न विभागों के समन्वय से देवारण्य योजना के क्रियान्वयन के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।योजना के क्रियान्वयन में वन विभाग, मनरेगा, कृषि विभाग, आजीविका मिशन, उद्यनिकी एवं खाद्य संस्करण विभाग, किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग विभाग, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग एवं पर्यटन विभाग के साथ अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित कर किया जायेगा। बैठक समाप्ति के पूर्व जिला आयुष अधिकारी डॉ रितु द्विवेदी द्वारा कलेक्टर अवि प्रसाद को शतावर एवं वन मंडल अधिकारी को घृतकुमारी के पौधे का गमला भेंट किया गया।

