दुर्घटना का शिकार होते वन्य प्राणियों की सुरक्षा व पेयजल की व्यवस्था

(विजयराघवगढ़) ग्रीष्म ऋतु के आरम्भ होते ही जंगलों में रहने वाले वन्य प्राणी पानी की तलाश में रहवासी क्षेत्र मे प्रवेश करने लगते है। ऐसी स्थिति में अक्सर कभी वाहनो की ठोकर से दुर्घटनाग्रस्त तो कभी ग्रामीण क्षेत्र में स्वानो द्वारा दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। ऐसी स्थिति से अवगत कराते हुए विजयराघवगढ़ वन परिक्षेत्र अधिकारी विवेक कुमार जैन ने बताया कि वन परिक्षेत्र के अंतर्गत कैमोर, सुरमा, मेहगांव ,कैमोर, जमुआनी कला जो सतना जिले की सीमा से लगा है विगत वर्ष की अपेक्षा वर्तमान वर्ष में वन अमले द्वारा माह जनवरी 2023 से ही सतत जंगलों में अग्नि सुरक्षा एवं वन्य प्राणी बाहुल्य क्षेत्र में वन्यप्रणियो को पेयजल आपूर्ति हेतु जंगलों में पोसर की व्यवस्था हेतु शासन स्तर पर आवश्यक बजट की मांग भी की गई हैं ताकि स्थनीय स्तर से वन्य प्राणियों की सुरक्षा हेतु जंगलों मे पोसरा निर्माण की योजना तैयार कर विभाग व ए सी सी के सहयोग से विजयराघवगढ़ से कैमोर, नन्हवारा झुकेही एवम कैमोर भटूरा जमुआनी कला के जँगलो में जगह जगह पोसरो का निर्माण कराकर इस भीषण गर्मी में वनविभाग द्वारा वन्य प्राणियों को पीने का पानी उलब्ध कराया जा सके। साथ ही जंगलों में आग लगने से बचाया जा सके।
इनका कहना है:

“गर्मी के दिनों में विशेष कर जंगल से निकलकर वन्य प्राणी सडक पार कर रहवासी क्षेत्र मे जलाशय की तलाश में दुर्घटना का शिकार न हो इसलिए एसीसी उद्योग के सहयोग से जंगलों मे पोसरो का निर्माण कराकर टैंकरों द्वारा पानी भरवाने की व्यवस्था कराई जा रही है ताकि वन्य प्राणियों को दुर्घटना के शिकार होने से रोका जा सके।”
विवेक जैन
वन परिक्षेत्र अधिकारी
विजयराघवगढ़

 

“पानी की व्यवस्था एसीसी कैमोर के सहयोग से वन विभाग द्वारा की जा रही है।”
राजेंद्र पाठक
बीट प्रभारी कैमोर क्षेत्र

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