राम जी की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में धूमधाम से चल रही भागवत का आज तीसरा दिन

(चुरहट)  राम जानकी मंदिर में चल रही श्री मद भागवत कथा के तृतीय दिवस में वृंदावन धाम से पधारे हुए चुरहट राज्य आचार्य पंडित श्री श्री त्रिपुष्कर शास्त्री जी कथा में भक्तों को बताया कि भगवान के भजन करने से भगवत प्राप्ति होती है।

आज के प्रसंग में भागवत मे बताया गया की शिव चरित्र, सती माता का चरित्र, शंकर पार्वती विवाह का विशुद्ध वर्णन करते हुए ध्रुव चरित्र की कथा श्रवण करते हुए भक्तों को बताएं कि भगवान का भजन करने का कोई विशेष समय नहीं होता। जब मन में आ जाए कि हमें भगवान की भक्ति करना है इस समय भक्ति प्रारंभ कर दी। बचपन से ही भक्ति करने से अंत समय में भगवान के नाम का उच्चारण हो सकता है।

बिना अभ्यास के भगवान का नाम अंत में भी नहीं आता है इसलिए अपने जीवन को संभालने के लिए भगवान का भजन करना अनिवार्य है, उसी से भगवान की प्राप्ति होगी यही जीवन का सार है। ध्रुव चरित्र के साथ जड़ भरत चरित्र की विशाल व्याख्या करते हुए आरती प्रार्थना के साथ तृतीय दिवस की कथा का विश्राम हुआ।

इस कार्यक्रम में चुरहट के सभी सम्मानित जन सम्मिलित हुए और कथा श्रवण कर अपने जीवन को सफल किया। ज्ञात रहे ये भागवत कथा का समापन 28 जनवरी को किया जाएगा। भागवत को सुनने हजारों की संख्या में लोग एकत्रित हो रहे है।

✍️ (मानिक लाल गुप्ता)
RPKP INDIA NEWS
          चुरहट

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