कलेक्टर श्री शर्मा ने बैठक में राजस्व अधिकारियों से कहा कि राजस्व महाअभियान के लिए वे पूरी गंभीरता से कार्य करें। इस अभियान में जो लक्ष्य तय किए गए हैं उन्हें समय सीमा में हर हाल में पूरा करना है। सभी पटवारी अपने क्षेत्र के ग्रामों का सतत भ्रमण कर बी-1 वाचन से लेकर किसानों एवं पट्टाधारकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करें। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होना चाहिए। इस अभियान में जिन पटवारियों की लापरवाही पायी जाएगी उनके विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।

राजस्व महाअभियान के अंतर्गत किसानों की ई-केवायसी की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में लगभग 8 लाख 47 हजार ई-केवायसी की जाना है। जिले में 342 पटवारी है। अतः उन्हें इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए प्रतिदिन 100 ई-केवायसी करने के निर्देश दिए गए। ई-केवायसी का यह लक्ष्य 25 फरवरी 2024 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने कहा गया। समीक्षा के दौरान पाया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधी के 8733 किसानों की ई-केवायसी लंबित है। इसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। नक्शा शुद्धिकरण के 58 हजार प्रकरण लंबित पाये जाने पर इसके निराकरण के लिए तत्परता से कार्य करने कहा गया। इस अभियान के अंतर्गत नामांतरण, बंटवारा के प्रकरणों का निर्धारित समय सीमा में अनिवार्य रूप से निराकरण करने के निर्देश दिए गए।

उल्लेखनीय है कि 15 जनवरी से 29 फरवरी तक चलने वाले राजस्व महाअभियान में राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और राजस्व अभिलेख में इंद्राज त्रुटियों को ठीक करने के साथ राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरण जैसे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, अभिलेख दुरूस्ती इत्यादि का समय सीमा में निराकरण किया जाना है। इस अभियान में नए राजस्व प्रकरणों को आरसीएमएस पर दर्ज करना, नक्शा सुधार, पीएम किसान का सेच्युरेशन एवं समग्र का आधार से ई-केवायसी और खसरे की समग्र और आधार से लिंकिंग सहित आम जन की राजस्व संबंधी समस्याओं का निराकरण करना है।