निरस्त दावों के पुनः परीक्षण के लिये विशेष ग्राम सभायें आयोजित

कटनी  राज्य शासन के निर्देशानुसार वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत निरस्त दावों का पुनः परीक्षण इस हेतु विकसित किये गये एमपी वन मित्र सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जा रहा है। राज्यस्तरीय निगरानी समिति के निर्णय अनुसार वन अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत समस्त निरस्त दावों का ग्राम सभाओं के द्वारा यह सुनिश्चित किया जाना है कि प्रत्येक दावेदार को विधि अनुसार युक्तियुक्त सुनवाई का अवसर देकर उनके प्रकरण का निराकरण किया जा रहा है। जिले की कुल 149 ग्राम पंचायतों के ग्रामों में विशेष ग्राम सभायें होंगी।

            वन अधिकार अधिनियम के निरस्त दावों के पुर्न परीक्षण के लिये ग्राम सभाओं में दावेदारों को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिये कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने इन ग्रामों में चरणवार 7 जून से 10 जून तक विशेष ग्राम सभायें आयोजित करने के निर्देश दिये हैं। जिला संयोजक जनजातीय विभाग सरिता नायक ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत पुर्न परीक्षण के लिये आयोजित की जा रही विशेष ग्राम सभाओं में 4 कर्मचारियों के दल ग्राम सभा में उपस्थित रहकर सुनवाई करेंगे। इनमें संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव व अधीक्षक छात्रावास, बीटगार्ड या वनकर्मी तथा संबंधित क्षेत्र के हल्का पटवारी शामिल रहेंगे।

            ग्राम स्तरीय समिति द्वारा उपखण्डस्तरीय समिति के समक्ष इन निराकरण को रखा जायेगा। तत्पश्चात जिलास्तरीय समिति द्वारा इनमें कार्यवाही की जायेगी। विशेष ग्राम सभाओं के निर्धारित कार्यक्रमानुसार 7 जून से 10 जून तक विभिन्न विकासखण्डों के ग्राम और ग्राम पंचायतों में विशेष सभायें आयोजित की जा रही है। इसके अनुसार उपखण्ड कटनी की 24 ग्राम पंचायत, उपखण्ड रीठी की 8 ग्राम पंचायत, उपखण्ड बड़वारा की 15 ग्राम पंचायत, उपखण्ड विजयराघवगढ़ की 5, उपखण्ड बरही की 16 ग्राम पंचायत, उपखण्ड बहोरीबंद की 27 ग्राम पंचायत तथा ढीमरखेड़ा उपखण्ड की 54 ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभायें आयोजित की जा रही हैं।

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