मैहर वाली शारदा माता धाम से एक अनमोल चिंतन….. रवींद्र सिंह (मंजू सर) मैहर की कलम से

Advertisement

हमारा जीवन जितना संतोषी होगा हमारी प्रतिस्पर्धाएँ भी उतनी ही कम होंगी। प्रायः हम भविष्य को सुखमय बनाने के पीछे वर्तमान को दुःखमय बना देते हैं।जिस व्यक्ति को वर्तमान में संतुष्ट रहना आ गया फिर ऐसा कोई दूसरा कारण ही नहीं कि उसे भविष्य की चिंता करनी पड़े।

रवींद्र सिंह (मंजू सर) मैहर की कलम कहती है कि वर्तमान में जीने का अर्थ है कि कल की प्रतीक्षा ना करते हुए प्रति क्षण पूरी ऊर्जा के साथ जीवन जीना।हमारे जीवन की सारी प्रतिस्पर्धाएँ केवल वर्तमान जीवन के प्रति हमारी असंतुष्टि को ही दर्शाती हैं। समय जब भी आयेगा वर्तमान बनकर ही आयेगा।

अगर आप सफल होना चाहते हो तो आपको अपने काम में एकाग्रता लानी होगी…!!!
संतोष परम सुखम।
आप सभी को नमन। मैहर वाली शारदा माता सदा अपना आशीर्वाद बनाये रखे।
जय माता दी

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें