राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने ग्रीन स्किलिंग कार्यशाला को किया संबोधित

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(राजगढ़़) ग्रीन स्किलिंग हेतु प्रदेश स्तरीय कार्यशाला प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग श्री गौतम टेटवाल के मुख्य आतिथ्य में आज मंगलवार को भोपाल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार विभाग सचिवश्री रघुराज राजेन्द्रन, संचालक कौशल विकास संचालनालय श्रीमती हर्षिका सिंह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड श्री सोमेश मिश्रा  की उपस्थिती में संपन्न हुआ।

हमारे देश के विकास में आईटीआई का महत्वपूर्ण योगदान है। यहाँ से प्रशिक्षित युवा विभिन्न कौशलों में निपुण होकर न केवल अपनी बल्कि पूरे देश की प्रगति में योगदान दे रहे हैं। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल द्वारा अपने उ‌द्बोधन में अवगत कराया की कौशल विकास संचालनालय ने व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में ग्रीन स्किल्स प्रशिक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं। विशेष रूप सेशासकीय आईटीआई देवास, धार और छिंदवाड़ा को ग्रीन आईटीआई के रूप में विकसित किया है। इस पहल के तहत ग्रीन स्किल्स ट्रेड जैसे सोलर तकनीशियन (इलेक्ट्रिकल), स्मॉल हाइड्रो पावर प्लांट तकनीशियनऔर मैकेनिक इलेक्ट्रिकल व्हीकल जैसे नए और अत्याधुनिक कोर्स शामिल किए गए हैं। इन प्रयासों से हमारी प्रवेश क्षमता का विस्तार हुआ है। जिनसे रोजगार तथा स्वरोजगार के बेहतर अवसर सृजित होंगे।

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने बताया कि अन्य शासकीय आईटीआई में भी नवीन कोर्सों की शुरुआत की है। जिससे विद्यार्थियों को ग्रीन स्किल्स के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने का मौका मिलेगा। यह कदम हमारे समर्पण को दर्शाता है कि हम न केवल वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करें, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार रहें।

कौशल विकास संचालनालय संचालक श्रीमती हर्षिका सिंह द्वारा कार्यशाला आयोजन करने की आवश्यकता का बताते हुये कहा की ग्रीन स्कीलिंग आईटीआई में ग्रीन जॉब सृजित करने, आईटीआई परिसर को सौर परिसर के रूप में विकसित करने, कम्पोस्टिंग हेतु गीले कचरे का प्रबंधन करना, सूखे कचरे का प्रबंधन और प्रसंस्करण करना, परिसर की सजावट और कुशल उपयोग के लिए वेस्ट पदार्थों का उपयोग करना, आईटीआई परिसर में ग्रीन लैंडस्केपिंग करना, वर्षा जल संचयन (रैनवाटर हार्वेस्टिंग) करना, जीरो वेस्ट और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना इत्यादि हेतु कार्ययोजना निर्मित की हैं। इन आईटीआई में ग्रीन स्कीलिंग से संबंधित कोर्स के संचालन हेतु उद्योगों के साथ ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (डीएसटी) के एमओयू निष्पादित किए गये हैं।

कार्यशाला के दौरान ग्रीन स्किलिंग से संबंधित विभिन्न सत्रों का आयोजन किया गया। कार्यशाला में स्वाहा रिसोर्स मैनेजमेंट की सतता और प्रतिभा अधिग्रहण में विशेषज्ञता पर स्वाहा रिसोर्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड इंदौर श्री समीर शर्माद्वारा एवं एसडीजी 2030 लक्ष्यों के तहत सतत वस्त्रों के लिए विशेषज्ञों का कौशल उन्नयन पर सुश्री जानकी इमानी हैदराबाद द्वारा प्रस्तुतिकरण प्रस्तुत किया गया।

फर्नीचर तथा गृह सजावट के लिए ग्रीन मटेरियल पर ओम्बक लाइफ चेन्नई सुश्री श्रुति प्रकाशद्वारा एवं गैर पारंपरिक उर्जा के प्रति प्रेरक कौशल और गैर पारंपरिक उर्जा के पर्यावरणीय लाभ पर मुख्य महाप्रबंधकमध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड श्री सौरभ श्रीवास्तवद्वारा प्रस्तुतिकरण प्रस्तुत किया गया।

उ‌द्योगों के संदर्भ में उदबोधन अध्यक्ष पीएसडीसीसीआई श्री संजीव अग्रवाल द्वारा दिया गया। हरित कौशल प्रौ‌द्योगिकी पर साइनटेक टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड श्री अम्बरीश केलाद्वारा एवं स्थायी व्यापारिक उपायों और प्रतिस्पर्धा वेतन के साथ अपने भविष्य को कैसे आकार दें विषय पर इकोफेव सर्विस प्राइवेट लिमिटेडइंदौर श्री संजय शर्माद्वारा प्रस्तुतिकरण प्रस्तुत किया गया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्रीन स्किलिंग में उपलब्ध संभावनाओं को तलाशना तथा विषय विशेषज्ञों के सहयोग से सतत भविष्य के लिए हरित कौशल और प्रौ‌द्योगिकियों के महत्व के बारे में जागरूक करना है। कार्यशाला में प्रतिभागिता हेतु सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, जलविद्युत, ग्रीन अपैरल इत्यादि से संबंधित उ‌द्योगों के प्रतिनिधि, विषय विशेषज्ञ और सतत स्किलिंग में काम कर रहे उद्यमी उपस्थित रहें।

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