मानव जीवन बटोरने के लिए नहीं अपितु बाँटने के लिए मिला है
मैहर वाली शारदा माता धाम से एक अनमोल चिंतन….. रवींद्र सिंह (मंजू सर) मैहर की कलम से
(मैहर) निश्चय करो कि हमारा यह मानव जीवन बटोरने के लिए नहीं अपितु बाँटने के लिए हमें मिला है। संपूर्ण सृष्टि इस मानव जीवन को कुछ न कुछ देती है।नदियाँ बहती हैं तो पीने के लिए जल से लेकर कृषि-खेती व मानव जीवन की अनेक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देती हैं।
रवींद्र सिंह (मंजू सर) मैहर की कलम कहती है कि अपना यह मानव जीवन लेने के लिए नहीं अपितु देने के लिए है। मनुष्य जीवन ईश्वर निर्मित एक सर्वश्रेष्ठ कृति है इसलिए इसके जीवन का लक्ष्य भी सर्वश्रेष्ठ ही होना चाहिए।
“सद्गुरु की एक कृपा दृष्टि अनेक विघ्नों को हर लेती है।”
