आयुष चिकित्सा पद्धति से नागरिकों को बेहतर उपचार मुहैया कराया जाए-कलेक्टर

औषधीय पौधों के लाभ से नागरिकों को कराएं अवगत-कलेक्टर

(अनुपपुर)  जिले के सभी ग्राम पंचायतों में आयुष औषधालय का अमला घर-घर दस्तक देकर गंभीर रोगों से ग्रसित मरीजों का चिन्हांकन सुनिश्चित करें, ताकि ऐसे मरीजों को उचित स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराई जा सके। गंभीर मरीजों के चिन्हांकन की सूची निर्धारित प्रपत्र के अनुरूप प्रस्तुत की जाए। उक्ताशय के निर्देश कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में आयुष विभाग की समीक्षा बैठक में कार्यों की समीक्षा करते हुए दिए। बैठक में जिला आयुष अधिकारी डॉ. राजेन्द्र सिंह, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी सहित आयुष विभाग का अमला मौजूद था।बैठक में कलेक्टर ने जिले में आयुष औषधालय, आयुष आरोग्य मंदिर, स्टॉफ, दवाईयों के संधारण/वितरण, जिला चिकित्सालय में आयुष विंग व अमरकंटक में 50 बिस्तरीय अस्पताल निर्माण कार्य की जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने कहा कि जिले में संचालित आयुष औषधालय के निर्धारित समय पर संचालन तथा चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टॉफ की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े व बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाए।

कलेक्टर ने जिले में आयोजित किए जाने वाले आयुष स्वास्थ्य शिविर के संबंध में जानकारी लेते हुए शिविर के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा मरीजों को लाभान्वित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयुष स्वास्थ्य शिविर के आयोजन के संबंध में ग्रामीणों को पूर्व से जानकारी दी जाए, ताकि शिविर के निर्धारित तिथि में ग्रामीण इसका लाभ प्राप्त कर सकें।

बैठक में आयुष विभाग द्वारा संचालित आयुष आपके द्वार योजना, औषधि पौधों का वितरण, मलेरिया से बचाव हेतु होम्योपैथी औषधि मलेरिया ऑफ 200 के संबंध में जानकारी दी गई। कलेक्टर ने मलेरिया प्रभावित ग्रामों के चिन्हांकन के लिए स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर पुनः सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औषधीय पौधों के संबंध में उसके उपयोग, फायदे आदि की विस्तृत जानकारी की एक बुकलेट तैयार की जाए तथा तैयार आईईसी मटेरियल का उपयोग आम जनों के लिए सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पवित्र नगरी अमरकंटक के मां नर्मदा उद्गम मंदिर के समीप केन्द्र बनाकर औषधीय पौधों के विक्रय की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जिले में औषधीय पौधे होने के बावजूद भी इनके लाभ के संबंध में लोगों को ज्यादा जानकारी नही है। आयुष विभाग ऐसे पौधों के महत्व से ग्रामीणों को अवगत कराएं, जिससे इनका उपयोग रोगों के उपचार हेतु किया जा सके। इनका उपयोग अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक सिद्ध होता है।

 

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