“नारीशक्ति से प्रकृति को शक्ति” विषय पर रंगोली बना कर महिलाओं ने रंगों के माध्यम से दिया पर्यावरण संरक्षण का प्रभावशाली संदेश

“मातृधरा अभियान” 🌎 🌿🌱☘️

(झाबुआ) जिले में कलेक्टर नेहा मीना की पहल पर महिलाओं की भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “मातृधरा अभियान (नारी शक्ति से प्रकृति को शक्ति)” प्रारम्भ हुआ हैं।              “मातृधरा_अभियान” के अंतर्गत “नारीशक्ति से प्रकृति को शक्ति” थीम पर आधारित “मेरी रंगोली – पर्यावरण वाली” विषय पर महिलाओं ने पारंपरिक रंगोली कला के माध्यम से प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश समाज को दिया। यह न केवल एक सांस्कृतिक गतिविधि है, बल्कि यह सामाजिक और पर्यावरणीय सरोकारों को जोड़ने का एक रचनात्मक प्रयास भी हैं।

कलेक्टर नेहा मीना ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सृजनात्मकता और कलात्मक अभिव्यक्ति को माध्यम बनाकर समाज में पर्यावरणीय चेतना का विस्तार करना हैं। मातृधरा अभियान का उद्देश्य महिलाओं की भूमिका को पर्यावरणीय संरक्षण में सशक्त रूप से प्रस्तुत करना है, क्योंकि महिलाएं परिवार और समाज दोनों स्तरों पर सकारात्मक परिवर्तन की वाहक होती हैं।

रंगोली बना कर महिलाओं एवं बच्चियों ने न केवल अपनी कला का प्रदर्शन किया, बल्कि पर्यावरण के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी को भी व्यक्त किया। रंग-बिरंगी और आकर्षक रंगोलियों के माध्यम से महिलाओं ने जल संरक्षण, वायु शुद्धता, हरियाली बढ़ाओ जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को चित्रित किया। इन रंगोलियों ने यह सोचने पर विवश किया कि प्रकृति के प्रति हमारा कर्तव्य कितना महत्वपूर्ण है और कैसे छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े परिवर्तन लाए जा सकते हैं।

इस दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्व-सहायता समूहों , स्कूली छात्राओं और स्थानीय निवासियों की भागीदारी उल्लेखनीय रही। “मातृधरा_अभियान” के तहत इस प्रकार के आयोजन निरंतर रूप से महिलाओं की सशक्त भूमिका को उजागर करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाने का माध्यम बन रहे हैं।

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