जल संसाधन विभाग में 19.12 करोड़ रुपये का घोटाला, भाजपा सरकार जवाब दे : जितेंद्र (जीतू) पटवारी

(भोपाल) मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी ने जल संसाधन विभाग में सामने आए बड़े पैमाने के वित्तीय घोटाले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार अब चरम सीमा पर पहुंच गया है और सिंचाई परियोजनाओं तक को भ्रष्टाचारियों ने नहीं बख्शा है।

श्री पटवारी ने कहा कि जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने गलत गणना, मनमाने आधार महीनों का चयन और सूचकांक में हेराफेरी करके ठेकेदारों को कुल 19.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान कर दिया, जिससे प्रदेश के खजाने को सीधा भारी नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं में हुई अनियमितताओं का ब्यौरा देते हुए बताया:

सिंगरौली — रिहंद माइक्रो सिंचाई परियोजना में 8.95 करोड़ रुपये का अधिक भुगतान

शहडोल — भन्नी माइक्रो परियोजना में 3.14 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान

दमोह — ग्रैविटी बांध निर्माण में 2.46 करोड़ रुपये की अनियमितता

डिंडोरी — मुरकी परियोजना में 2.27 करोड़ रुपये की वसूली नहीं की गई

सिवनी — तिलवाड़ा नहर परियोजना में 1.49 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान

श्री पटवारी ने आरोप लगाया कि यह अनियमितताएं महज लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित भ्रष्टाचार हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सिंगरौली परियोजना में जहां मई 2022 को आधार मानना चाहिए था, वहां मार्च 2021 का सूचकांक लागू कर दिया गया। वहीं शहडोल में मार्च 2021 के बजाय फरवरी 2022 का आधार बनाकर भुगतान किया गया। यह साफ दर्शाता है कि ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए जानबूझकर हेराफेरी की गई।

श्री पटवारी ने आगे कहा पूर्व में हुई पत्रकार वार्ता में जल संसाधन के बड़े घोटाले को तथ्यों के साथ उजागर किया था कि कैसे टेंडर प्रक्रिया में जल संसाधन विभाग में गिनी-चुनी कंपनियों का कब्जा हो गया है। बड़े टेंडरों में बार-बार फलोदी कंस्ट्रक्शन और गुप्ता कंस्ट्रक्शन (मालिक: जगदीश गुप्ता) ही L1, L2 या L3 बनकर सामने आती हैं। किसी व्यक्ति विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए ही इस तरह बार-बार इनको ही टेंडर दिए जा रहे हैं।

साथ ही उन्होंने विभागीय गतिविधियों में “नौशाद” और अश्विन नाटू नाम के गैर-सरकारी व्यक्तियों की भूमिका पर भी सवाल उठाया था आज तक उन पर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है यह इस बात का प्रमाण है कि ये सब सरकार की सांठगांठ से ही किया जा रहा है ।

श्री पटवारी ने कहा कि पन्ना जिले में दो कर्मचारियों द्वारा करीब 47 लाख रुपये के अनियमित भुगतान के मामले में केवल वेतन वृद्धि रोकने जैसी हल्की कार्रवाई करना यह साबित करता है कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दे रही है।

कांग्रेस की मांगें:

पूरे मामले की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच (SIT अथवा CBI जांच) कराई जाए। दोषी अधिकारियों तथा ठेकेदारों के खिलाफ कठोर आपराधिक कार्रवाई की जाए। जनता के पैसे का हुआ पूरा नुकसान वसूल किया जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पारदर्शी तंत्र विकसित किया जाए।

श्री पटवारी ने कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार अब संस्थागत रूप ले चुका है। जनता के कड़ी मेहनत से कमाए पैसे की खुलेआम लूट हो रही है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाकर जवाबदेही तय कराएगी और भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार संघर्ष करती रहेगी।

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