एनएसयूआई प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर से की मुलाकात, शैक्षणिक संस्थानों में अवैध हथियार एवं नशे के नेटवर्क पर उच्च स्तरीय जांच की मांग

एनएसयूआई ने पुलिस कमिश्नर से शैक्षिक संस्थानों में छात्र सुरक्षा समिति बनाने की मांग की

(भोपाल) भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) भोपाल के प्रतिनिधिमंडल ने नगरीय पुलिस, भोपाल के पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर राजधानी के शैक्षणिक संस्थानों में बढ़ती हिंसात्मक घटनाओं, अवैध हथियारों की उपलब्धता एवं मादक पदार्थों की बिक्री पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

प्रतिनिधि मंडल में एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार भोपाल जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर प्रदेश महासचिव सैयद अल्तमस युवा कांग्रेस के जिला महासचिव आशीष शर्मा एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष अमित हाटिया योगेश सोनी शामिल थें ।

प्रतिनिधिमंडल ने 05 अप्रैल 2026 को दो विश्वविद्यालयों के छात्रों के बीच हुई फायरिंग की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अत्यंत गंभीर स्थिति है, जिसमें दो छात्र गोली लगने से घायल हुए।

एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि शहर में ऐसे अड्डे और गुहरो सक्रिय हैं जहां से छात्रों को आसानी से अवैध हथियार उपलब्ध हो रहे हैं, साथ ही शिक्षण संस्थानों के आसपास नशे का कारोबार भी फल-फूल रहा है।

रवि परमार ने कहा कि “राजधानी भोपाल में कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बावजूद यदि छात्रों के हाथों में खुलेआम हथियार पहुंच रहे हैं तो यह कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न है। एनएसयूआई मांग करती है कि अवैध हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क का खुलासा कर उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून सहित कठोर कार्रवाई की जाए। छात्र राजनीति के नाम पर अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि “शैक्षणिक संस्थान शिक्षा के मंदिर हैं, न कि अपराध और नशे के अड्डे। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। हम मांग करते हैं कि सभी संवेदनशील परिसरों में नियमित पुलिस पेट्रोलिंग और अस्थायी पुलिस चौकी की व्यवस्था की जाए।”

प्रदेश महासचिव सैयद अल्तमस ने कहा कि “युवाओं को नशे और हथियारों की ओर धकेलना प्रदेश के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। पुलिस प्रशासन को विशेष अभियान चलाकर शिक्षण संस्थानों के आसपास सक्रिय नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही प्रत्येक कॉलेज में छात्र सुरक्षा समिति का गठन किया जाना चाहिए, जिसमें छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए।”

एनएसयूआई ने ज्ञापन के माध्यम से विस्तृत मांगें रखते हुए निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई, हेल्पलाइन एवं क्यूआर कोड प्रदर्शित करने, छात्रावासों का सत्यापन, तथा जागरूकता अभियान चलाने की मांग की।

पुलिस कमिश्नर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक जांच एवं कार्रवाई की जाएगी।एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो संगठन छात्र हित में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

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