सीएम हेल्पलाईन में संतुष्टिपूर्ण निराकरण का प्रतिशत बढ़ायें – कलेक्टर

समय सीमा प्रकरणों की बैठक सम्पन्न

कटनी – कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने सभी विभाग प्रमुख अधिकारियों को सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों में संतुष्टिपूर्ण निराकरण का प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिये हैं। उन्होने कहा कि संतुष्टिपूर्ण निराकरण का प्रतिशत 60 से कम नहीं होना चाहिये। सोमवार को समय सीमा प्रकरणों संबंधी समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाईन, समय सीमा बाह्य लंबित प्रकरण, सीएम हाउस और सीएम मानिट के प्रकरण सहित समय सीमा प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की। इस मौके पर सीईओ जिला पंचायत जगदीश चन्द्र गोमे, एसडीएम रोहित सिसोनिया, बलबीर रमन, आयुक्त नगर निगम सतेन्द्र धाकरे, डिप्टी कलेक्टर नदीमा शीरी, संघमित्रा गौतम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ0 प्रदीप मुडि़या सहित विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

      समय सीमा प्रकरणों की बैठक में सीएम हेल्पलाईन की समीक्षा के दौरान कृषि, नवकरणीय, ऊर्जा, वित्त, श्रम, स्वास्थ्य सहित 12 विभागों की सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों में 50 प्रतिशत से कम संतुष्टिपूर्ण निराकरण पाया गया। कलेक्टर श्री सिंह ने इन विभागों को संतुष्टिपूर्ण निराकरण का प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिये। सीएम हेल्पलाईन में ऊर्जा विभाग, महिला बाल विकास, पशुपालन, वाणिज्यिक कर सहित अन्य विभागों के निराकरण में सतुष्टिपूर्ण निराकरण 60 प्रतिशत से अधिक पाया गया है। कलेक्टर श्री सिंह ने विभिन्न विभागों के सीएम हेल्पलाईन में 100 दिवस से अधिक 891 प्रकरण, 300 दिवस से अधिक 475 प्रकरणों को प्राथमिकता स्वरुप निराकृत करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिये हैं। सीएम हाउस से प्राप्त 6 और सीएम मानिट के 5 प्रकरणों का निराकरण इसी सप्ताह करने के निर्देश दिये गये हैं।

      कलेक्टर श्री सिंह ने 15 अक्टूबर को होने वाली कृषि उत्पादन आयुक्त की रबी फसल तैयारियों और खरीफ फसल कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक में जिले की तैयारियों की समीक्षा की। उप संचालक कृषि ने बताया कि गतवर्ष की तुलना में खरीफ फसलों में 14 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। इसी प्रकार उद्यानिकी फसलों में गतवर्ष की अपेक्षा 4.27 प्रतिशत वृद्धि होकर 52 हजार 442 हैक्टेयर हो गया है।

      पशुपालन विभाग के तहत पशुपालकों को 148 किसान क्रेडिट कार्ड जारी हो चुके हैं। जबकि 3018 पशुपालकों के आवेदन बैंकों में प्रस्तुत हैं। जिले में 30 गौशालाओं में से 29 गौशालाओं का निर्माण कर 804 पशुओं की संख्या पर 12 गौशालाओं का संचालन प्रारंभ किया गया है। खरीफ धान उपार्जन की समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने उपार्जित धान के भण्डारण के लिये प्रत्येक जनपद में कम से कम दो स्थानों पर ओपन कैप के निर्माण की प्रक्रिया उपार्जन प्रारंभ होने के पूर्व पूरी कर लेने के निर्देश दिये। कलेक्टर श्री सिंह ने गरीब कल्याण रोजगार अभियान और स्वामित्व योजना की भी समीक्षा की।

जिले में पहली बार बनी दुग्ध संकलन समितियां

      समय सीमा प्रकरणों की बैठक में उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ0 आर0पी0एस0 गहरवार ने बताया कि जिले में पहली बार दो मिल्क रुटों का निर्धारण कर दुग्ध संकलन की गतिविधियां प्रारंभ की गई है। स्लीमनाबाद से बहोरीबंद और स्लीमनाबाद से ढीमरखेड़ा जिले में दो मिल्करुट निर्धारित कर 8 दुग्ध संकलन समितियां गठित की गई हैं। जिनके माध्यम से दुग्ध संकलन होकर प्रतिदिन जबलपुर दुग्ध संघ को परिवहन किया जा रहा है। दुग्ध संकलन के जिले में विस्तार के लिये बीएमसी की स्थापना सहित 51 लाख रुपये लागत का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

कोविड-19 अनुकूल व्यवहार परिवर्तन की ली गई शपथ

राज्य शासन द्वारा कोविड-19 अनुकूल व्यवहार परिवर्तन के लिये सघन अभियान 30 नवम्बर तक चलाया जा रहा है। इस दौरान कोविड-19 संक्रमण के लक्षण एवं बचाव की रोकथाम के उपायों से आमजन को परिचित कराने प्रचार-प्रसार की उपयुक्त कार्य योजना क्रियान्वित की जा रही है। कोविड-19 अनुकूल व्यवहार परिवर्तन के सघन अभियान के तहत सोमवार को आयोजित समय सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिये जिला विभाग प्रमुख अधिकारियों को सजग रहने की शपथ दिलाई।

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