अच्छी खबर – गुलाना तहसील राजस्व के मामलों में बनेगी आदर्श (खुशियों की दास्ताँ )

( शाजापुर )

इसके लिए कार्ययोजना तैयार

जैसे कि हिन्दी की एक कहावत है “एक साधे-सब सधे, सब साधे सब जाए” की तर्ज पर शाजापुर कलेक्टर श्री दिनेश जैन ने जिले की गुलाना तहसील को राजस्व के मामले में आदर्श बनाने की पहल की है। कलेक्टर ने बताया कि सब मोर्चों पर एक साथ कार्य शुरू करने से प्राय: सफलता हाथ नहीं लगती है, इसलिये जिले की एक तहसील को आदर्श बनाने का बीड़ा उठाया गया है। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जाकर 02 नवंबर से 31 दिसंबर तक तहसील को आदर्श बनाने के लिए अभियान चलाया जायेगा। पूरे अभियान की निगरानी अपर कलेक्टर श्रीमती मंजूषा विक्रांत राय करेगी। उल्लेखनीय है कि गुलाना तहसील में कुल 44 हल्के और 82 गांव है।
गुलाना तहसील को आदर्श बनाने के लिए इसके ग्रामों को चार भागों में बांटा गया है। सभी ग्रामों के लिए एक-एक डिप्टी कलेक्टर को दल प्रभारी बनाया गया है। इन दलों में क्षेत्र के तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं राजस्व निरीक्षक रहेंगे। यह सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने निर्धारित कार्यों के साथ-साथ गुलाना तहसील के लिए सौंपे गए राजस्व संबंधी कार्यों को पूरा कराएंगे।
कलेक्टर श्री जैन ने बताया कि 31 दिसंबर तक गुलाना तहसील के सभी ग्रामों में सभी खातेदारों के राजस्व रिकार्ड का अद्यतिकरण किया जायेगा, जिसमें खातेदारों के रिकार्ड का मिलान कर नाम एवं रकबे की त्रुटि, खाते पर नाम न होना, बंधक करना, नाबालिग हटाना, ग्राम में बी-1 का वाचन कर रिकार्ड की अद्यतन पुष्टि करना तथा बी-1 के वाचन के बाद फौती नामांतरण की कार्रवाई करना शामिल है। इसी तरह प्रत्येक खातेदार को अद्यतन (खसरा, बी-1 एवं ऋण पुस्तिका) प्रदान की जायेगी। शासन के समस्त भवनों, परिसरों को राजस्व रिकार्ड में दर्ज किया जायेगा। ग्राम के सार्वजनिक स्थलों की भूमियों जैसे कि श्मशान भूमि और वहां जाने का रास्ता, चरनौई भूमि, अन्य महत्वपूर्ण भूमि, खाद के गड्डे एवं परंपरागत खेत में जाने के रास्ते का सीमांकन कर अतिक्रमण हटाया जायेगा। अविवादित एवं फौती नामांतरण व बटवारे का निराकरण कर राजस्व रिकार्ड में दर्ज करेंगे। साथ ही पूर्व के आदेशों का अमल कर प्रमाणीकरण करना, नक्शे में बटांकन अंकित करना तथा संशोधित नक्शे की प्रति प्रदान करने की कार्रवाई की जायेगी। समस्त सेवा भूमि से अतिक्रमण हटाकर प्रत्येक कोटवार से प्रमाण-पत्र लिया जायेगा कि उसकी भूमि पर कोई अतिक्रमण नहीं है। मंदिरों की भूमियों का सीमांकन कर अतिक्रमण हटाकर किसी अन्य के कब्जे में तो नहीं है इस आशय का पुजारियों से प्रमाणीकरण लिया जायेगा। किसी चेरिटेबल संस्था या विभाग को यदि कोई भूमि किसी उद्देश्य के लिए दी गई हो तथा वह वर्तमान में उपयोग नहीं हो रही हो तो उसका प्रतिवेदन देने के लिए कहा गया है। ग्राम में स्थित अपूर्ण या जीर्ण-शीर्ण भवन मय साईज, रकबा, फोटो, उपयोगी या अनुपयोगी, संभावित मूल्य की जानकारी संकलित करने के लिए कहा गया है। शासकीय पट्टेधारों की स्थिति की जाँच जैसे कि शासकीय पट्टेधारों का कब्जा भूमि पर है या नहीं, यदि नहीं तो वर्तमान में किसका कब्जा है और किस हैसियत से है, कि जाँच की जायेगी। शासकीय भूमियों के कब्जेदारों का प्रतिवेदन तैयार कर तहसीलदार या नायब तहसीलदारों को प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, सीएम किसान कल्याण योजना, प्राकृतिक प्रकोप संबंधी प्रकरण एवं भू-अर्जन आदि का मुआवजा के शतप्रतिशत निराकरण करने के लिए निर्देश दिये गये हैं।
इन सबके निराकरण के लिए कलेक्टर श्री जैन ने आज सभी राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर गुलाना तहसील को आदर्श बनाने के लिए दिये गये निर्देशों के तहत कार्रवाई करने के लिए कहा।

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