अर्नब गोस्वामी के केस में हाई कोर्ट ने क्या कहा जाने क्या है पूरा मामला

* नई दिल्ली *

जिस इंटीरियर डिज़ाइनर ने आत्महत्या किया उसके और अरनव गोस्वामी के बीच में कोई निजी डील नहीं थी बल्कि उस इंटीरियर डिजाइनर के फर्म और अरनव गोस्वामी की कंपनी के बीच में डील हुआ था और परचेज ऑर्डर के समय जो शर्ते रखी गई थी उन शर्तों के अनुसार अर्णब गोस्वामी ने उसे 90% पेमेंट दे दिया था और यह बात मुंबई पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट में लिखी गई है
90% पेमेंट लेने के बाद अगर उस इंटीरियर डिजाइनर को यह लग रहा था कि उसके साथ धोखा हुआ है तब इसके लिए आर्थिक मामले देखने वाले आर्बिट्रेटर होते हैं उनके पास सिविल शूट फाइल की जाती है यह मामला क्रिमिनल केस में नहीं आता है और मुंबई पुलिस ने अपने क्लोजर रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि इंटीरियर डिजाइनर के परिवार के अनुसार अरनव गोस्वामी ने उसका पेमेंट नहीं दिया इसलिए वो दुखी था जबकि हमारी जांच में यह पता चला कि उस इंजीनियर डिजाइनर ने अपना बाकी का 10% पेमेंट निकलवाने के लिए कोई कानूनी रास्ता नहीं अपनाया वह मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध में भी अपील नहीं किया और ना ही उसने आर्बिट्रेटर के पास कोई अपील किया.. मुंबई पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट के अनुसार वह इंटीरियर डिजाइनर डिवोर्स होने की वजह से मानसिक तनाव में था इसलिए उसने और उसकी मां ने आत्महत्या कर ली मित्रों यह सारी बातें मुंबई पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट में लिखी है जो अदालत में पेश की गई और अदालत ने इस रिपोर्ट के आधार पर इस पूरे केस को क्लोज कर दिया

कल अलीबाग कोर्ट में उपस्थित एक पत्रकार मित्र ने मुझे बताया उसके अनुसार:-

अलीबाग कोर्ट को मैंनेज तो कर लिया था लेकिन मैनेज करने की एक सीमा होती है.. जज साहब ने रायगढ़ पुलिस से पूछा आपने जो क्लोजर रिपोर्ट फाइल किया था उसके बाद आपको ऐसा क्या नया सबूत मिला जिसके आधार पर आपने अरनव गोस्वामी को गिरफ्तार किया और आप अरनव गोस्वामी को अपनी कस्टडी में लेना चाहते हैं ?

तब वहां उपस्थित सारे पुलिसकर्मी एक-दूसरे का मुंह देखते रहे और मुंबई पुलिस के वकील चुप हो गए उन्होंने कहा कि हमारे पास कोई भी नया सबूत नहीं है सिर्फ परिवार का एक एप्लीकेशन है कि इस केस को रीओपन किया जाए

तब जज साहब ने मुंबई पुलिस के वकील से पूछा आप वकील है क्या आपको पता है कि केस रीओपन का क्या प्रोसीजर है ?

वकील साहब ने कहा इसके लिए कोर्ट में अपील की जाती है तब जज साहब ने रायगढ़ पुलिस के वकील से पूछा कि परिवार ने कौन से कोर्ट में अपील किया है वह अपील मुझे दिया जाए

मुंबई पुलिस और उसके वकील चुप

उसके बाद जज साहब ने कहा यह मामला पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है मैं आपको अरनव गोस्वामी की कस्टडी नहीं दे सकता मैं अर्नब गोस्वामी को मजिस्ट्रेट को सौंपता हूं और यह कल मुंबई हाई कोर्ट में अपील फाइल कर सकते हैं और मुंबई हाई कोर्ट का जो फैसला होगा उसके अनुसार आगे की प्रक्रिया का पालन किया जाएगा

और इस तरह मुंबई पुलिस अलीबाग कोर्ट से हाथ मलते हुए वापस आ गई

मुंबई हाई कोर्ट और गोस्वामी को 100% जमानत दे देगा क्योंकि यह सिर्फ एक ताकत का प्रदर्शन था जो अफजल सेना और औरंगजेब सेना के लिए बूमरैंग साबित हुआ

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