फाईलेरिया से बचाव के लिये 20 दिसम्बर से चलेगा एमडीए कार्यक्रम

कटनी – फाईलेरिया (हांथी पांव) बीमारी से बचाव के लिये आगामी माह में 20 से 22 दिसम्बर तक 2 वर्ष की उम्र से अधिक के व्यक्तियों को डीईसी और एल्बेन्डाजोल की गोली की खुराक खिलाई जायेगी। इस आशय की जानकारी मंगलवार को कलेक्टर शशिभूषण सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम की जिला समन्वय समिति की बैठक में दी गई। इस मौके पर सीईओ जिला पंचायत जगदीश चन्द्र गोमे, आयुक्त नगर निगम सतेन्द्र धाकरे, सीएमएचओ डॉ. प्रदीप मुडि़या, महामारी विशेषज्ञ डॉ. राशी गुप्ता सहित विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

जिला समन्वय समिति की बैठक में जिले के नागरिकों से अपील करते हुये कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि हांथीपांव और फाईलेरिया रोग का कोई इलाज नहीं है। केवल डीईसी की गोलियों की खुराक लेकर इस बीमारी से बचा जा सकता है। उन्होने कहा कि 20 दिसम्बर से 22 दिसम्बर के मध्य जिले के प्रत्येक परिवार से सम्पर्क कर आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वयंसेवी एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर पहुंचकर डीईसी की गोली और एलबेन्डाजोल खिलाई जायेगी। वर्ष में केवल एक बार इस दवा की खुराक लेने से हांथीपांव फाईलेरिया रोग से बचा जा सकता है। कटनी जिले को फाईलेरिया मुक्त जिला बनाने सभी नागरिक गोलियों का सेवन कर अपना सहयोग प्रदान करें। कलेक्टर श्री सिंह ने मास ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार ग्रामीण क्षेत्रों में करने प्रभावी माध्यम अपनाने के निर्देश भी दिये हैं।

डब्ल्यूएचओ के कोर्डिनेटर डॉ. मनजीत चौधरी ने फाईलेरिया रोग के लक्षण, फैलने के कारण आदि की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होने बताया कि 2 वर्ष से 5 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों को डीईसी की एक गोली, 6 वर्ष से 14 वर्ष तक 2 गोली और 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की 3 गोली की खुराक दी जायेगी। डीईसी गोलियों के साथ एलबेन्डाजोल की एक-एक गोली भी दी जायेगी। बीमार, गर्भवती महिलाओं और अतिवृद्धजनों को यह दवा खुराक नहीं दी जायेगी।

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