कोविड-19 की जागरुकता और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सहयोग करें – कलेक्टर
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक
कटनी – कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सभाकक्ष में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक लेकर उनके कायों एवं गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अपने क्षेत्र के बीएमओ के निर्देशन में कोविड-19 के बचाव, नियंत्रण एवं जागरुकता सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभायें। इस मौके पर सीएमएचओ डॉ. प्रदीप मुढि़या, सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा, डॉ. समीर सिंघई, डॉ. राशि गुप्ता, डॉ. ठाकुर सहित बीएमओ भी उपस्थित थे।

कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना वायरस नियंत्रण और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं स्वास्थ्य सेवाओं में बीएमओ की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सभी सीएचसी और पीएचसी में फीवर क्लीनिक संचालित हैं। इनमें पदस्थ मेडिकल ऑफीसर के सतत् संपर्क में रहें। कोविड मरीजों के सैम्पलिंग और पॉजीटिव रिपोर्ट आने पर की जाने वाली सभी गतिविधियों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी समन्वय के साथ सहयोग करें। उन्होने कहा कि कोविड नियंत्रण सैम्पलिंग पर निर्भर करता है। किसी भी व्यक्ति की सैम्पलिंग किये जाने पर उसकी रिपोर्ट आने तक व्यक्ति को कोरेन्टाईन रखें। उसके घर पर पोस्टर लगायें और सैम्पल लिये व्यक्ति को और होम आईसोलेशन में रह रहे पॉजीटिव मरीजों को घर से बाहर कतई नहीं घूमनें दें। होम आईसोलेशन में रहने वाले पॉजीटिव केसों पर सतत् निगरानी बनाये रखें। कलेक्टर ने कहा कि कटनी जिले को 500 सैम्पल प्रतिदिन का लक्ष्य मिला है। अपने विकासखण्ड के लक्ष्यानुसार कोविड-19 के सैम्पल तैयार कर जांच हेतु भेजें। इसी प्रकार कलेक्टर ने बीएमओ को कहा कि कोविड-19 के पॉजीटिव मरीजों को रिफरल की आवश्यकता होने पर जिला अस्पताल कटनी ही रिफर करें। अन्यत्र जिलों के रिफर नहीं करेंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुये कलेक्टर ने कार्य में गति लकर परफॉर्मेन्स सुधारने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि टीकाकरण सहित सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में 90 प्लस की उपलब्धि लायें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रदीप मुढि़या ने बताया कि जिले में वर्तमान में 26 एक्टिव केस होम आईसोलेशन में उपचाररत हैं। जिले में होम आईसोलेशन कर रिकवरी रेट 98 प्रतिशत है। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा में कहा कि समाधान ऑनलाईन के पूर्व स्वास्थ्य विभाग के विषयों की शिकायतों का शत्-प्रतिशत निराकरण पूर्ण कर लें।

