एक्सपोर्ट क्वालिटी एवं मात्रा के अनुरुप क्लस्टर में उत्पाद तैयार करें – कलेक्टर
जिला निर्यात (एक्सपोर्ट) प्रोत्साहन समिति की बैठक
कटनी – कटनी जिले में मार्बल, रिफेक्ट्रीज जैसे खनिज उत्पाद के अलावा कृषि, खाद्य प्रसंस्करण एवं अन्य क्षेत्रों में भी एक्सपोर्ट क्वालिटी और मात्रा में निर्यात योग्य उत्पाद तैयार करने की विपुल संभावनायें हैं। इन संभावनाओं के अनुरुप निर्यात की गुणवत्ता के उत्पाद आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के तहत क्लस्टर में तैयार करने के प्रयास किये जायें। इस आशय के निर्देश कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने मंगलवार को सम्पन्न जिला एक्सपोर्ट प्रोत्साहन समिति की बैठक में दिये। इस मौके पर महाप्रबंधक उद्योग अजय श्रीवास्तव, उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ. आरपीएस गहरवार, परियोजना अधिकारी उद्यान सूर्यभान सिंह, एलडीएम उद्यम वानरा, सहायक संचालक मत्स्य अनीता चौधरी, परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभय मिश्रा, सहायक संचालक कृषि, खनि अधिकारी संतोष सिंह और निर्यातक व्यवसायी मनीष गेई भी उपस्थित थे।
जिला निर्यात (एक्सपोर्ट) प्रोत्साहन समिति की बैठक में जिले की संभावनाओं के अनुरुप निर्यातक सामग्री, उत्पाद तैयार करने के संबंध में अधिकारियों ने गहन विचार विमर्श किया। उद्योग महाप्रबंधक अजय श्रीवास्तव ने बताया कि कटनी जिले से वर्तमान में मुख्यतया चावल, मार्बल का ही निर्यात होता है। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट के तहत चावल और टमाटर के प्रसंस्करण, लाईव स्टॉक के अन्तर्गत कड़कनाथ मुर्गा और पंगेशियस मछली, हैडीक्रॉफ्ट में स्वसहायता समूह और जनजातीय संस्कृति के अनुरुप बांस शिल्प, कलात्मक वस्तुयें भी क्लस्टर के रुप में उत्पादित कर एक्सपोर्ट गुणवत्ता और मात्रा के उत्पाद तैयार कराये जा सकते हैं।

परियोजना अधिकारी उद्यान ने बताया कि जिले के सिंघनपुरी में बेस्ट क्वालिटी का मशरुम और ग्रामीण क्षेत्रों में पेठा बनाने वाला कुम्हड़ा विपुल मात्रा में उत्पादन कर निर्यात योग्य उत्पाद तैयार किया जा सकता है। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिले में संभावनाओं के अनुरुप स्वसहायता समूहों एवं जैविक किसानों के माध्यम से क्लस्टर रुप में खाद्य प्रसंस्करण की वस्तुयें उत्पादित की जायें। इसी प्रकार कटनी जिले का नाम मार्बल और रिफैक्ट्रीज के उत्पादन में भी सर्वोपरि है। बड़े पैमाने पर उत्पादन की गतिविधियों को प्रोत्साहित कर निर्यात योग्य कई सामग्रियां तैयार कर सकते हैं। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्यातकों के प्रोत्साहन के लिये सिमरा गांव में लॉजिस्टिक हब बनाने के प्रस्ताव और रीठी अथवा बड़वारा क्षेत्र में एयरस्ट्रिप योग्य भूमि तलाशकर हवाई पट्टी की संभावनाओं का प्रस्ताव भी तैयार करने के निर्देश दिये

