एसीसी कैमोर को अचानक याद आया नन्हवारा कला ग्राम ,जानिए क्या है वहां की हकीकत…?
(भोपाल) कोरोना संकट पूरे देश में छाया हुआ है। शासन जनता कर्फ्यू की समय सीमा लगातार बढाती जा रही है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा पात्र गरीबों को तीन माह का निशुल्क राशन उपलब्ध कराए जाने के आदेश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा युद्ध स्तर पर किए जा रहे प्रयासों के फलस्वरुप परिस्थितियां नियंत्रण में आ रही है और लगातार कोविड-19 के मरीजो के स्वास्थ में सुधार होकर सकुशल घर वापसी हो रही है। इस संकट की घड़ी में कई समाजसेवीयों एवं स्वयंसेवी संगठनों के द्वारा जरुरतमंद लोगों को अलग-अलग प्रकार से आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है लेकिन क्षेत्रीय संसाधनों का दोहन करते हुए क्षेत्रवासियों का शोषण करने वाले उद्योगपतियों के द्वारा दिखावा के अलावा जनता को कुछ भी नहीं मिल रहा है। ऐसा ही एक मामला कटनी मध्यप्रदेश के विजयराघवगढ़ तहसील में देखने को मिला जहां एसीसी कैमोर के द्वारा गोद लिये गांव सलैया कौहारी ग्राम में सेनेटाईजर वाहन से पानी का छिड़काव करने की खबर के बाद एसीसी को अचानक नन्हवारा कला ग्राम की याद आ गई और पहुंच गई एसीसी कंपनी वहां सेनेटाईजर का छिड़काव करने। खबर मिलते आरपीकेपी इंडिया न्यूज़ की टीम ने नन्हवारा कला पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की और जाना कि एसीसी कैमोर को अचानक क्यों याद आया नन्हवाराकला ?
जानिए क्या है वहां की हकीकत…?
