बाल सेवा योजना से लाड़लियों को मिला बल, अब बेहतर होगा कल
कविता, शिवानी की पिता की पूर्व में हो गई थी मृत्यु, कोविड में मां ने भी छोड़ दिया था साथ
कटनी – कोविड काल में कई लोग अपनों से बिछड़ गए। माता-पिता की मृत्यु कोविड में होने से कई बच्चे बेसहारा हो गए थे। बच्चों के सामने न सिर्फ जीवन यापन का संकट आया बल्कि पढ़ाई भी छूटने की स्थिति में पहुंच गई। ऐसे में कोविड बाल सेवा योजना के माध्यम से राज्य सरकार ने सिर्फ असहाय हुए बच्चों के बेहतर जीवन के लिए व्यवस्था की बल्कि उनकी पढ़ाई भी बंद न हो, इसका भी इंतजाम किया। योजना के कारण आज सैकड़ों बच्चे एक बार फिर से बेहतर जीवन की ओर अग्रसर हैं।
ऐसे ही बच्चों में शामिल थीं शहर के कावसजी वार्ड की निवासी कविता कोरी व शिवानी कोरी। दोनों बेटियों के पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। जिसके बाद मां बेबी बाई दोनों का पालन पोषण कर रही थी और दोनों की पढ़ाई की ओर भी ध्यान दे रही थी। कोविड की दूसरी लहर आई तो बेबी बाई कोरोना की चपेट में आ गई और इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। मां की मृत्यु के बाद बेटियां बेसहारा हो गई और उनके सामने जीवनयापन का संकट तो आया ही पढ़ाई भी छूटने की स्थिति बन गई।
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने जिले भर में कोविड काल में असहाय हुए बच्चों को बाल सेवा योजना का लाभ दिलाने निर्देश दिए थे। उसी के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने कविता व शिवानी से संपर्क कर योजना संबंधी कार्रवाई पूरी कराई। जिसके बाद अब दोनों बेटियों को न सिर्फ हर माह 5 हजार रूपये प्राप्त होंगे बल्कि हर माह राशन के साथ उनकी पढ़ाई मंे भी सरकार मदद करेगी। योजना से जुड़ने के बाद कविता व शिवानी ने कहा कि हम तो बेसहारा हो गए थे, ऐसे में राज्य सरकार व मुख्यमंत्री मामा शिवराज सिंह चौहान मददगार के रूप में सामने आए, जिसके लिए वे जीवन भर उनकी आभारी रहेंगी।
