प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत इच्छुक व्यक्तियों से आवेदन 31 दिसम्बर तक आमंत्रित

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(कटनी) – मत्स्य पालन से जुड़े कृषकों अथवा मत्यस्यिकी से जुड़ने हेतु इच्छुक व्यक्तियों के लिए वित्तीय वर्ष 2024- 25 से भारत सरकार के मत्यस्यिकी विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की कार्ययोजना प्रेषित किये जाने के उद्देश्य से सहायक संचालक मत्स्योद्योग ने उक्त योजना में सम्मिलित गतिविधियों से लाभ लेने हेतु इच्छुक व्यक्तियों से 31 दिसम्बर 2023 तक आवेदन आमंत्रित किये हैं।

            सहायक संचालक मत्स्योद्योग ने कहा है नियमानुसार सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के कृषकों को योजना लागत का 40 प्रतिशत एवं अनुसूचित जनजाति, महिला वर्ग को 60 प्रतिशत अनुदान प्रदाय करने के प्रावधान है। उक्त योजना का मुख्य ध्येय मछली उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि, गुणवत्ता, तकनीकी, आधारभूत संरचना एवं प्रबंधन के अंतर को कम करना, मूल्य श्रंखला का आधुनिकीकरण एवं सुदृढीकरण, मजबूत मत्स्य पालन प्रबंधन ढांचा की स्थापना एवं मछुआरों का कल्याण, जिससे मछुआरों एवं मत्स्य कृषकों की आय दोगुनी होगी और इस प्रकार यह सामाजिक, भौतिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में सहायक होगा।

            योजना के अंतर्गत कार्यक्रम की सूची अनुसार नवीन तालाब का निर्माण (0.1 हेक्टेयर से 2.00 हेक्टेयर तक), मत्स्य बीज उत्पादन हेतु नए मत्स्य हैचरी की स्थापना, नवीन मत्स्य बीज संवर्धन हेतु रियरिंग पोखर, तालाब का निर्माण, मिश्रित मत्स्य पालन, पंगेशियस, तिलापिया मछली पालन हेतु इनपुट्स की व्यवस्था, जलाशय में मत्स्य अंगुलिकाओं का संचयन, रंगीन मछली के ब्रीडिंग एवं रियरिंग के लिए इकाई की स्थापना, आर.ए.एस. की स्थापना, बायोफलाक्स की स्थापना, जलाशयों में केज कल्चर की स्थापना कर मत्स्य पालन, पेन कल्चर, मत्स्य कोल्ड स्टोरेज,  आईस प्लांट का निर्माण अथवा आधुनिकीकरण, रेफ्रिजेरेटेड वाहन, इंसुलेटेड वाहन, आईस बाक्स युक्त मोटर साईकिल, मछली बिक्री हेतु ई रिक्शा, फिश फीड मिल, प्लांट, खुदरा मछली बाजार का निर्माण, मछली कियोस्क का निर्माण, परंपरागत मछुआरों के लिये नाव एवं जाल का प्रावधान, थोक मछली बाजार का निर्माण इत्यादि शामिल हैं।

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