कड़कड़ाती ठंड और घने कोहरे के बीच निर्माणियों के मुख्य द्वार पर कर्मचारियों ने तंबू गाड़े
पुरानी पेंशन बहाली तक जारी रहेगा आंदोलन
(कटनी) हाड़ कंपा देने वाली कड़कड़ाती ठंड में, घने कोहरे के बीच आयुध निर्माणी कर्मचारी पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने सहित कर्मचारियों की कई और आवश्यक मांगों को लेकर निर्माणियों के मुख्य गेट पर तम्बू गाड़कर बैठे कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की।
इस तरह न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) के विरोध में आयुध निर्माणियों के कर्मचारी संगठन क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
8जनवरी से प्रारंभ क्रमिक अनशन में अगले चार दिनों तक कर्मचारी यूं ही भूख हड़ताल पर रहेंगे। वहीं इसके बाद भी सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो वे फरवरी माह में बड़े और उग्र आंदोलन की तैयारी कर रहें है। कर्मचारियों नेताओं ने अपने उद्बोधन में कहा कि,
हुसूलों पर आंच आये तो टकराना जरुरी है,
अगर ज़िंदा हो तो ज़िंदा नजर आना जरुरी है।
यहां उल्लेखनीय है कि जेएफआरओपीएस के आवाह्न पर 8 जनवरी से 11 जनवरी तक पूरे देश के रेलवे, रक्षा, पोस्टल, केंद्रीय सचिवालय सहित सभी केंद्रीय तथा राज्य कर्मचारियों द्वारा पुरानी पेंशन बहाली के लिये क्रमिक भूख हड़ताल की जा रही है। एआईडीईएफ तथा आईएनडीडब्ल्यूएफ से संबद्ध यूनियन मजदूर संघ और इंटक के कार्यकर्ता आयुध निर्माणी कटनी के मुख्य द्वार में क्रमिक भूख हड़ताल में बैठे हैं। आज के भूख हड़ताली में शिव पाण्डेय, देवेंद्र पाढ़ि, सादिक अली, नरेंद्र पटेल, राजेश दुबे, संजय तिवारी, राकेश मिश्रा, मनीष तिवारी, जय कुमार, जितेंद्र सिंह, विजय सिंह, राजेश शुक्ला, अनंत मुर्मू, देवी सिंह, शरद धुर्वे, सत्यनारायण यादव, जंगबहादुर्, पवन धुर्वे, महेंद्र सिंह, असलम परवेज, बबलू राय आदि सभी कर्मचारी नेताओं ने दिन भर अपने भाषणों में केंद्र सरकार को चेताया कि,कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली तक यह संघर्ष जारी रहेगा
