बाढ़ उतरने और बारिश बन्द होने के बाद सर्वे व व्यवस्थाएं सुचारू करने पर प्रशासन की प्राथमिकता
कलेक्टर ने गूगल मीट के माध्यम से आगे की रूपरेखा राजस्व अधिकारियों को बताई
कलेक्टर श्री मीना ने सभी राजस्व अधिकारियों से कहा कि बाढ़ का पानी निकल चुका है। बारिश भी थम गई है। इसलिए अब ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना बड़ी जिम्मेदारी है। पीएचई व पंचायतों के साथ मिलकर इस कार्य को भी प्राथमिकता देंगे। सभी जल स्त्रोतों का अच्छे से क्लोरीनेशन कराएंगे। साथ ही जहां पानी का ठहराव है या गंदगी फैली हो या सम्भावनाये है वहा अनिवार्य रूप से ब्लीचिंग पॉवडर से छिड़काव करेंगे। इसके अलावा जो स्कूल जर्जर भवनों में संचालित हो रहें है, उन पर विशेष ध्यान देंगे। विभाग से संबंधित जानकारी रखे। निजी भवन व मकानों पर भी निगरानी रखेंगे। नागरिकों को जोखिम में नहीं डालना है। विसर्जन स्थल और जुलूस यात्रा के लिए भी अलर्ट रहें
आगामी समय में कई त्यौहार मनाए जाने है। श्रीगणेश विसर्जन भी जिले में कई स्थलों पर होना है। कलेक्टर श्री मीना ने राजस्व अधिकारियों को ऐतिहात बरतने के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि विसर्जन स्थलों व यात्रा जुलूस आदि के लिए एनडीआरएफ, होमगार्ड और हेल्थ विभाग की मौजूदगी सुनिश्चित करेंगे। ऐसे स्थलों पर एम्बुलेंस की व्यवस्थाएं पहले से ही सुनिश्चित कर लेंगे।
राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए तहसीलदारों का कोर्ट तीन दिन हो
कलेक्टर श्री मीना ने राजस्व अधिकारियों के साथ कि राजस्व समीक्षा बैठक में राजस्व कार्यो की भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए है कि इकेवायसी, नक्शा तरमीम के कार्य निरंतर प्रक्रिया है। यह कार्य रुके नहीं। साथ ही राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए उन्होंने तहसीलदारों को प्रत्येक सप्ताह में 3-3 दिन राजस्व न्यायालय में प्रकरण निराकृत करने के निर्देश दिए है। उन्होंने स्वामित्व योजना में ग्राउंड ट्रुथिंग और वनाधिकार अधिनियम में सामुदायिक अधिकार के संबंध में भी निर्देशित किया है।
