मैहर वाली शारदे माता धाम से एक अनमोल चिंतन ….. रवींद्र सिंह (मंजू सर) मैहर की कलम से
(मैहर) कभी भी किसी मसले की सच्चाई जाने बिना किसी के प्रति कोई विचार मत बनाओ। गलती करके उसे समय पर स्वीकार कर, सुधार करें वही सच्चा इंसान है किंतु स्वयं गलती करके बेफिक्र रहें और उल्टा आरोप बार बार सामने वाले पर लगा दे, और रिश्तेदार भी उसका साथ दे।
रवींद्र सिंह (मंजू सर)मैहर की कलम कहती है कि बार बार किसी का मान भंग करके, किसी को बेवजह दुखी करके, थोड़े समय के लिए तो प्रसन्न हुआ जा सकता है। मगर याद रखना ईश्वर/प्रकृति की न्याय की लाठी न तो दिखती है, न ही आवाज करती है।
इंसानियत जिंदा रखिए, और सदैव नेकी पर चलिए क्योंकि ओरिजनल की कीमत फोटो कापी से कही बहुत ज्यादा होती है। इसलिए सत्यता के मार्ग में जीवन जिए न कि झूठ छल कपट पर। इसलिए नेकी के रास्ते पर चलिए निवेदन है।
